डीएम मार्कण्डेय शाही ने पत्र जारी कर विभागीय अधिकारियों को दिया निर्देश
प्रकरण संज्ञान में आते ही पूर्व में पारित आदेश तत्काल वापस लेने का निर्देश
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। राजस्व विभाग का कोई भी छोटा या बड़ा अधिकारी दीवानी अदालतों में लंबित प्रकरणों में अब किसी भी प्रकार का प्रशासनिक आदेश जारी नहीं कर सकेगा। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने यह निर्देश राजस्व विभाग से जुड़े जनपद के समस्त अधिकारियों को दिया है। अपने निर्देश में जिलाधिकारी ने कहा कि सामान्यतया एक पक्ष दीवानी न्यायालय में वाद लंबित होने की जानकारी छिपाकर राजस्व अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर प्रशासनिक आदेश करवा लेता है। ऐसी दशा में दूसरे पक्ष का अहित होने की संभावना बन जाती है। उन्होंने कहा है कि आदेश पारित करने वाले अधिकारी के संज्ञान में दीवानी अदालत में वाद लंबित होने की जानकारी आते ही वह तत्काल पूर्व में किया गया अपना प्रशासनिक आदेश वापस ले लेगा। डीएम ने कहा कि इसके लिए दीवानी न्यायालय से स्थगन आदेश होना जरूरी नहीं है। यदि प्रकरण अदालत में विचाराधीन है, तब भी यही व्यवस्था अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन किए जाने का निर्देश दिया है।
