Tuesday, April 7, 2026
Homeउत्तर प्रदेश दिव्यांगजनों को भिक्षा नहीं रोजगार चाहिये, जीने का अधिकार चाहिए : वीरेन्द्र...

 दिव्यांगजनों को भिक्षा नहीं रोजगार चाहिये, जीने का अधिकार चाहिए : वीरेन्द्र कुमार

कानपुर(हि.स.)। दिव्यांगजनों को भिक्षा नहीं रोजगार चाहिए और उन्हें जीने का अधिकार चाहिए। यदि आरक्षण का कोटा पूरा नहीं होगा तो दिव्यांगजन रेल रोको एवं जेल भरो आन्दोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह चेतावनी बुधवार को शास्त्री नगर सेन्ट्रल पार्क में धरने को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र कुमार ने दी है।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का आरक्षण कोटा पूरा करने, दिव्यांग पेंशन पांच हजार महीना करने, दिव्यांगजनों को निशुल्क आवास देने, रोजगार के लिए ऋण और उपचार के लिए आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए।

कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है, अगर सरकार ने दिव्यांगजनों का सरकारी नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा न करने के साथ अन्य लाभ नहीं दिया तो राष्ट्रीय विकलांग पार्टी को मजबूर होकर रेल रोको और जेल भरो आंदोलन की शुरुआत करना पड़ेगा। धरने के बाद दिव्यांगजनों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एसीपी स्वरूप नगर को दिया।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। दिव्यांगजनों काे उनका अधिकार न दिलाना, उनके साथ सरासर अन्याय है। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी दिव्यांगजनों के अधिकारों को दिलाने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर है।| प्रदेश अध्यक्ष तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि हमने बहुत दिन तक इंतजार कर लिया है। सरकार सुनने को तैयार नहीं है और ढकोसले बाजी करके दिव्यांगजनों को गुमराह कर रही है।

धरना में प्रदेश प्रवक्ता अल्पना कुमारी, मण्डल अध्यक्ष अशोक कुमार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा शिव देवी सिंह चौहान, अरविन्द सिंह, गुड्डी दीक्षित, गौरव कुमार, वैभव दीक्षित, बंगाली शर्मा, जितेन्द्र गुप्ता, विजय कुमार कुशवाहा, अर्जुन कुमार, दिलीप कुमार, अवतंस सिंह, भगवान दास, मैनुद्दीन, पवन कुमार वर्मा, दिनेश यादव, इन्द्रभान सिंह, उमाशंकर आदि शामिल थे।

राम बहादुर

RELATED ARTICLES

Most Popular