– अपने बलबूते पर फेसबुक और ट्विटर का इस्तेमाल कर जरूरतमंदों तक पहुंच रही है मदद
नई दिल्ली (हि.स.)। कोविड-19 महामारी से दिल्लीवासियों को बचाने के लिए गत एक महीने से अधिक समय से लॉकडाउन जारी है। इस दौरान बहुत से लोगों को रोजी-रोटी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लॉकडाउन से प्रभावित लागों की मदद के लिए राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले 20 नौजवानों का एक ग्रुप जरूरतमंद लोगों के घरों तक राशन किट पहुंचा रहा है। नौजवानों के इस ग्रुप ने किसी से भी किसी भी तरह का चंदा लिए बगैर अपने बलबूते पर फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया माध्यमों का इस्तेमाल कर जरूरतमंदों को तलाश किया है। उनके जरिए बिना किसी शोर-शराबे के ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है।
इस ग्रुप के टीम लीडर मोहम्मद वाजिद ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनके दिमाग में ख्याल आया और उन्होंने अपने साथियों से इस बारे में चर्चा की तो सभी ने एकजुट होकर लोगों की मदद करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि हमने फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि का सहारा लेकर लोगों से ऐसे परिवारों के बारे में जानकारी देने की अपील की जिनके आस-पड़ोस के परिवारों को इस तरह के मदद की जरूरत है। हमने ऐसे सभी लोगों को बिना मांगे राशन किट उनके घरों तक पहुंचने का काम किया। उनका कहना है कि कुछ लोगों की डिमांड पर ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाएं, प्लाज्मा और यहां तक कि कुछ लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस वगैरह का इंतजाम भी हम लोगों ने किया है।
उनका कहना है कि कुछ लोगों ने मना करने के बावजूद राशन उपलब्ध कराया है जिनका हम शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने बताया कि राशन की एक किट तैयार करने में उन्हें कम से कम 700 से 800 रुपए खर्च करना पड़ता है। उनका कहना है कि दिल्ली के साथ-साथ फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा आदि से भी उनके पास मदद के लिए कॉल आई थीं, वहां तक भी मदद पहुंचाने काम किया गया है।
दिल्ली: लॉकडाउन में घरों में बैठे लोगों तक राशन किट पहुंचा रहा युवाओं का एक ग्रुप
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