प्रधानमंत्री की एक अपील ने लौटा दिया पुस्तैनी कामों के दिन
सुलतानपुर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक अपील ने दिवाली बनाने वाले लोगों के दिन लौट आए हैं। गांव से लेकर शहर तक मिट्टी के दीये(दिवाली) खरीदने वालों की भीड़ लगी है। अब हर कोई दीया जलाकर खुशियों के साथ-साथ अपनों को भी मजबूती देने का काम करने में जुटा हुआ है।
महिला आयोग की सदस्य सुमन सिंह अपने गांव में पुश्तैनी तुम्हारी दादी से दिवाली सहित खिलौने लिया। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार से बात करते हुए बताया कि दादी हमारे गांव में पुश्तैनी दादी घर आती हैं, चाक वाले खिलौने सब देकर जाते हैं, उसके बदले हम उन्हें अनाज, दाल चावल मिठाई देते हैं। हमारी परंपरा ऐसी है कि अपनी दिवाली के साथ-साथ दूसरों की दिवाली भी होती है। मिट्टी से बने दिए जलाकर खुशियां मनाते हैं। साथ में उस परिवार की भी खुशियां पूरी होती है।
श्रीमती सिंह कहती है कि गांव में कई पीढ़ियों से दीपावली पर्व पर दीया, जतोला, तराजू, डोल, घंटी, परई, कोसा मिलता रहा। संयोगवश 25 साल पहले मुझे भी अपने प्रधान कार्यकाल में इन परिवारों को बैरिंग वाला चॉक दिलवाने और मिट्टी के लिए पट्टा आबंटन करने का सौभाग्य मिला था। गांव में आज भी घर-घर कुम्हारिन दादी, काकी दीया देकर जाती है। लोग उसके बदले अनाज देते हैं। पैसा देने पर मना कर देती नहीं लेती हैं, कहती हैं कि अनाज से हमारा भी साल भर का खर्चा चलता है हम पैसा क्या करेंगे।
