रायबरेली(हि. स.)।प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें त्याग, बलिदान, शौर्य और पराक्रम से आजादी मिली है। स्वतंत्रता के बाद इन 75 वर्षों में हमारे वीर सैनिकों ने भारत की आजादी को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च त्याग और बलिदान दिया है, लेकिन क्या इतने भर से कोई देश अपनी लंबी यात्रा के लिए तैयार माना जा सकता है। दुनिया की वर्तमान प्रतिस्पर्धा के साथ देश को जोड़ना है तो हम सबको मिलकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री बुधवार को भारतीय स्वतन्त्रता समर के नायक राणा बेनी माधव की 218वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि हर काम सरकारें नहीं कर सकतीं। सरकार नेतृत्व दे सकती है। सरकार कार्ययोजना बना सकती है। समाज का हर तबका जब अपने-अपने क्षेत्र में, अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने लग जाएगा, तब हमें उस लक्ष्य को प्राप्त करने में कठिनाई नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को आजादी की शताब्दी महोत्सव की तैयारी के लिए फिर से जुटने का आह्वान किया है। जब ये देश अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा, उस अवसर पर हमें कैसा भारत चाहिए।
हमें चाहिए एक सशक्त और समर्थ भारत। देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में गिना जाने वाला भारत। गरीबी, किसी भी प्रकार की विषमता, अव्यवस्था, अराजकता से मुक्त भारत। देश की सभी सीमाओं को अक्षुण्य बनाए रखते हुए, एक ऐसा भारत जो दुनिया का नेतृत्व करता दिखाई दे। शांति और सौहार्द का संदेश लेकर चल रहा हो, वही भारत हमें चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति और सौहार्द बिना शौर्य और पराक्रम के कभी नहीं आ सकता है।इसके पहले मुख्यमंत्री ने राणा बेनीमाधव की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।मुख्यमंत्री का स्वागत राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने किया और अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष इंद्रेश विक्रम ने की।
रजनीश
