Friday, March 27, 2026
Homeअन्यतेज धूप से सब्जी की फसलों का करें बचाव, रात को ही...

तेज धूप से सब्जी की फसलों का करें बचाव, रात को ही करें सिंचाई

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश का पारा 42 के पार पहुंच गया है। कई जगह तो 44 तक पहुंच गया। ऐसे में जायद की फसलों को लेकर ज्यादा सावधानी की जरूरत है। खेत की नमी बनी रहे, इसका विशेष ध्यान देने के साथ ही भिंडी आदि सब्जियों पर कीटों के रख-रखाव का भी ख्याल करना चाहिए।

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि खेत की सिंचाई भी इस समय रात में करना चाहिए। इसके साथ ही सिंचाई के समय तेज हवा न हो, इसका ध्यान देना जरूरी है। इस संबंध में सब्जी अनुसंधान केंद्र वाराणसी के डा. एबी सिंह का कहना है कि कीटों का भय इस समय कम रहता है, लेकिन खेत की नमी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खेत की नमी बनी रहे, इसके लिए सब्जी की फसलों की सिंचाई समय-समय पर करते रहना चाहिए। यदि नमी खत्म हो गयी तो फूल भी झड़ जाएंगे। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी।

आगरा क्षेत्र के उप निदेशक उद्यान कौशल किशोर का कहना है कि खेत की सिंचाई के साथ ही खरपतवार पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है, क्योंकि खेत की बार-बार सिंचाई से खरपतवार भी उग आते हैं, जो सब्जियों के पैदावार में भारी गिरावट ला देते हैं। तना बेधक कीड़ों से बचाव के लिए राख का छिड़काव शाम को करना बेहतर होता है। इस समय कीटों का प्रकोप भी शाम या रात को होता है, क्योंकि दिन में कीट छिप जाते हैं।

उन्होंने कहा कि आम के फलों को गिरने से बचाने के लिए बागों की सिंचाई करें अथवा एसिटिक एसिड के 15 पीपीएम या चार मिलीलीटर प्लेनोफिक्स प्रति नौ लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। आम के फलों में कोयलिया विकार या आंतरिक सड़न रोग की रोकथाम हेतु बोरेक्स 0.8 प्रतिशत 0.8 ग्राम/लीटर पानी में घोल बनाकर 10 दिन के अन्तराल पर 2 छिड़काव करें।

उपेन्द्र/राजेश तिवारी

RELATED ARTICLES

Most Popular