Sunday, April 12, 2026
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तीन साल बीते, नहीं बन सका ओवरब्रिज

– किसानों और कार्यदायी संस्था के बीच मुआवजे को लेकर उलझा मामला

औरैया(हि.स.)। औरैया-रसूलाबाद मुख्य मार्ग पर पूर्वी रेलवे क्रासिंग है। यहां आसपास के लोगों की अधिक आवाजाही होने के चलते रेलवे ओवरब्रिज की मांग हो रही थी। 2019 में रेलवे और उप्र सेतु निगम ने जनता हित में ओवरब्रिज की मांग पर मुहर लगाते हुए स्वीकृति प्रदान की।

सात करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरु कराया गया। किसानों की जमीनों का मुआवजा और विभागीय हीलाहवाली के चलते इस ओवरब्रिज का कार्य तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। अधूरे ओवरब्रिज निर्माण के चलते वाहन सवारों के साथ जनता की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं।

रेलवे क्रॉसिंग पर लगती हैं लंबी कतारें

इसके बाद में डेडीकेटेड फ्रंट कारीडोर की तीसरी और चौथी लाइन बन गई। तो दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर ट्रेनों की संख्या और बढ़ गई। अब कई बार आधे से पौन घंटे तक फाटक बंद कर ट्रेनें निकाली जाती हैं। ऐसे में रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

सात करोड़ की लागत से 2019 में शुरू हुआ था ओवरब्रिज का काम

फाटक खुलने पर यहां वाहन आपस में आमने-सामने आने से फंस जाते हैं और जाम लगता है। इससे वाहन सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी केबिन पर ओवरब्रिज की मांग शुरू हुई। शासन से मंजूरी मिलने पर सात करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2019 में काम शुरू कराया गया। लेकिन कोरोना काल में लॉक डाउन लगने के बाद आठ महीने तक कार्य बंद रहा। इसके बाद जब कार्य दुबारा शुरू हुआ तो कार्यदायी संस्था और किसानों के बीच सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा ना मिलने के कारण कार्य फिर रुकवा दिया गया। कार्यदायी संस्था और किसानों के बीच हुई बैठक में मुआवजे के बाद कार्य शुरू करने की सहमति बनी। लेकिन कार्य अभी तक नहीं शुरू कराया जा सका है।

सुस्त चाल से चल रहा काम

कार्यदायी संस्था उप्र सेतु निर्माण निगम की ओर से तीन साल में काम पूरा होने की बात कही गई थी। लेकिन काम बेहद सुस्त गति से चला। अब चौथे साल में भी काम अधूरा पड़ा है। इससे रेलवे फाटक पर जाम की स्थिति आम है। कई बार एम्बुलेंस फंसने से मरीजों की जान पर बन आती है। जबकि ओवरब्रिज को सात करोड़ की लागत से 900 मीटर बनाया जाना है। छह पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं।

सेतु निगम के असिस्टेंट इंजीनियर एपी सिंह ने बताया किसानों के साथ चल रहा मुआवजे का विवाद अभी तक सुलझा नहीं है। विवाद सुलझने के बाद निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जाएगा।

सुनील

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