गाजीपुर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में बीते तीन दिनों से उठने वाला गुलाब नामक चक्रवात पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार होते हुए पुर्वान्चल के जनपदों में अपना प्रभाव पुरी तरह दिखा रहा है। हालांकि रविवार सुबह से मौसम में कुछ परिवर्तन आता नजर आया है। जबकि गाजीपुर तथा उसके आसपास के जिलों में गुरुवार से शनिवार की रात तक तेज हवाओं के साथ हल्की से लेकर भारी बरसात हुई। इस चक्रवात का असर वर्तमान खरीफ सीजन में खड़ी फसलों पर पड़ेगा। इसके साथ ही सब्जी की खेती पर काफी असर पड़ा है। पूरी सब्जी की फसलें पानी में डूब कर नष्ट हो गई।
लगातार तीन दिनों तक भारी बरसात वह तूफान के बाद एक तरफ जहां जन सामान्य अपने घ-गृहस्थी को संभालने में जुटा है। वहीं किसानों द्वारा खेतों में हुए नुकसान का आकलन किया जाना शुरु हो गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र आंकुशपुर के कृषि वैज्ञानिक जेपी सिंह ने बताया कि धान मुख्य फसल है। अगर इसमें क्षति की बात करें तो जो धान की फसल लम्बी अवधि की है तथा फसल पानी से नहीं डूबी है तो उसको लाभ ही है, कोई हानि नहीं है। लेकिन कम दिन वाली व मध्यम अवधि में पकने वाली धान की फसलों को भारी क्षति होगी। जिसमें बाली निकल आयी है, जो पकने की कगार पर है वो सभी खेत में गिर गई हैं। चूंकि खेत में मेड़ के ऊपर तक पानी भरा है तथा पानी का निकास न होने के कारण दानों के जमाव की पूरी सम्भावना है, जो उत्पादन को प्रभावित करेगा। यानी ऐसे खेतों से किसानों को कुछ भी उत्पादन के रूप में मिलने की कोई सम्भावना नहीं है। चाह कर भी उसकी कटाई नहीं कर सकता, अपनी फसल की बरबादी को देखने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। जिस धान में जल्दी ही बालियां निकली थी, उनमें तेज रफ्तार हवा के साथ बारिश होने से परागण क्रिया प्रभावित होगी, जिससे दाने बहुत कम बनेंगे ,जो प्रत्यक्ष रूप से उत्पादन को प्रभावित करेगा। चक्रवात के प्रकोप से जो धान की फसलें बच गई, उसमें पानी की अधिकता यानि जल जमाव के कारण शाकाणु झुलसा ( शीथ ब्लाईट) के साथ ही अन्य रोगों के आने की सम्भावना बढ़ जाती है। जिससे उत्पादन की लागत बढ़ने के साथ ही उत्पादन भी कम होगा।
दलहनी फसलों को भी होगा भारी नुकसान
लगातार भारी बारिश के कारण अरहर की फसल पुरी तरह समाप्त हो गई है। खरीफ सीजन में दलहनी फसलों में अरहर के साथ उर्द तथा मूंग की फसलें भी पुरी तरह नष्ट हो गई हैं। बाजरा, ज्वार तथा मक्का आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
सब्जियों की खेती 80 प्रतिशत तक नुकसान
यह है कि सब्जियों के नुकसान का आकलन किया जाये तो खेत में खड़ी फसलें जैसे परवल, टमाटर, मिर्च, अगेती फूलगोभी, बैगन, भिन्डी, लौकी, तरोई आदि को 75-80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। अगर चक्रवात के कारण हुई बारिश से नुकसान का आकलन करें तो कुल मिलाकर किसानों की फसलों की भारी क्षति पहुंची है। इसके साथ ही केवल खरीफ सीजन का ही नहीं अपितु रबी सीजन में बोयी जाने वाली फसलों दलहनी, तिलहनी फसलों, समय से गेहूं, आलू, रबी की सभी सब्जियों आदि की बुवाई में देरी होने के कारण रबी फसलों के उत्पादन पर असर पड़ेगा।
