-किसान पंचायत में कहा, शुरू हो गई है अम्बानी-अडानी सरकार की उल्टी गिनती
-मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही कह सकता है किसानों को विध्वंसक
बलिया (हि. स.)। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि तीनों कृषि कानून लागू हो गए इस देश का किसान अपने ही खेत में गुलाम बनकर रह जाएगा। उन्होंने किसानों से इस गुलामी को किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करने की अपील की।
शुक्रवार को अपने बविधानसभा क्षेत्र बांसडीह के महराजपुर में आयोजित किसान पंचायत में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों का एक लक्ष्य है, देश की खेती बारी और किसानी को अम्बानी और अडानी के हाथों सौंप देना। इसे रोकने के लिए दो सौ किसान शहीद हो चुके हैं, लाखों किसान धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार के कान पर जू नहीं रेंग रहा है।
उन्होंने कहा कि इसे लेकर अम्बानी अडानी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसकी वजह से सरकार के पहरेदारों के होश उड़े हुए हैं। इसीलिए ये लोग अनाप शनाप बक रहे हैं और किसानों को भी विध्वंसक कहने से बाज नहीं आ रहे हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि किसान केवल अपना नहीं, सबका पालक है। इस सच से सभी वाकिफ हैं। इसके बाद भी कोई उसे विध्वंसक कहे तो उसे मानसिक रूप से बीमार कहना ही उचित है। उन्होंने कहा कि किसानी इस देश की रीढ़ है। सरकार में बैठे लोग भी जानते हैं कि किसानी को कमजोर करने का मतलब देश को कमजोर करना है। फिर भी कर रहे हैं। सबकुछ अम्बानी अडानी के हाथ सौंप देना चाहते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी सरकार की सरकार की इस साजिश को किसी कीमत पर सफल नहीं होने देगी।
सपा के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने कहा कि समाजवादी पार्टी और हमारे नेता अखिलेश यादव पहले भी किसानों के साथ खड़े थे, आज भी खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। कहा, यह किसान आंदोलन अब जन आंदोलन में तब्दील हो रहा है।
