Saturday, April 4, 2026
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तंबाकू इस्तेमाल से महिलाओं में बांझपन व गर्भ न रुकने जैसी हो सकती है बीमारियां- सीएमओ

लखीमपुर खीरी (हि.स.)। ‘नो स्मोकिंग डे’ के अवसर पर एएनएम ट्रेनिंग सभागार में बुधवार को हुए एक गोष्ठी में धूम्रपान व तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने की। इस दौरान प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय डॉ. आरएस चंदानी व मानसिक चिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला, जिरियाट्रिक फिजीशियन डॉ. शिखर बाजपेई मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने इस दौरान अपने सम्बोधन में कहा कि धूम्रपान से बेहद खतरनाक बीमारियां होती हैं, जिनमें कैंसर सहित ब्रोंकाइटिस, ब्रोंटाइटिस शामिल हैं। इसी के साथ नपुंसकता होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। वहीं, महिलाओं में बांझपन व गर्भ का न रुकना भी शामिल है। इसी के साथ शरीर में तमाम अन्य बीमारियां भी होती हैं जरूरी है कि इसको लेकर लोगों को जागरूक करें और तंबाकू उत्पादों का सेवन बंद करें।

प्रभारी सीएमएस व चेस्ट फिजिशियन डॉ. आरएस चंदानी ने कहा कि तंबाकू और धूम्रपान हमारे फेफड़ों को बहुत अधिक क्षति पहुंचाता है। इसके इस्तेमाल से सांस की समस्या और फेफड़ों में तमाम तरह की बीमारी सहित कैंसर की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जिसका इलाज या तो नहीं है या फिर बहुत ज्यादा महंगा है।

जिरियाट्रिक फिजीशियन डॉ. शिखर बाजपेई ने बताया कि धूम्रपान या तंबाकू सिर्फ कैंसर का ही नहीं बल्कि शरीर में आंख, कान, नाक, गला, पेट सहित शरीर की अन्य बीमारियों का भी कारण है। यह स्लो प्वाॅइजन की तरह काम करता है, कई मामलों में इससे होने वाली बीमारियों से मौत भी हो जाती है। मानसिक चिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि धूम्रपान या तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वाले ज्यादातर लोग मानसिक रोगी हो जाते हैं। स्वस्थ मन का व्यक्ति इन चीजों से दूर रहता है इसलिए यह जरूरी है कि आपका मस्तिष्क स्वस्थ रहें। तंबाकू छोड़ने में अगर आपको समस्या आ रही है तो तंबाकू क्लीनिक जिला अस्पताल पहुंचकर आप अपना इलाज करा सकते हैं। इसके लिए दवाएं भी मौजूद हैं जो आपका नशा छुड़वाने में बेहद कारगर हैं।

नशा एक दूसरे नशे का पूरक है । अगर सिगरेट पीने वाला कोई व्यक्ति है तो वह शराब, स्मोकिंग, खैनी, गुटखा, पान मसाला या अंततः नींद की गोलियों या अन्य नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने लगता है। यह पागलपन की स्थिति तक पहुंचा सकता है। इस दौरान एनसीडी सेल से एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश गुप्ता, एफएलसी विजय वर्मा, काउंसलर देवनंदन श्रीवास्तव, साइकेट्रिक सोशल वर्कर अतुल पांडे, फिजियोथैरेपिस्ट विवेक तिवारी व मोहम्मद सईद, डीईओ अनुज श्रीवास्तव व सरिता उपस्थित रहे।

देवनन्दन

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