Wednesday, April 1, 2026
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डेवलपिंग न्यू इंडिया अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

प्रादेशिक डेस्क

लखनऊ। इंडियन मेन्टल हेल्थ एंड रिसर्च सेंटर एवं शिया पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की ओर से दो दिवसीय ‘डेवलपिंग न्यू इंडिया’ अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, शोधकर्ता एवं विभिन राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया ।
संगोष्ठी के आरम्भ में मौलाना यासूब अब्बास ने सभी वक्ताओं का स्वागत किया और भारत की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष पर नए भारत के विकास हेतु कार्य करने पर ज़ोर दिया । संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रोफेसर अब्बास अली मेहदी (किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय) ने नए भारत में आवश्यक चिकित्सा-स्वास्थ्य सम्बन्धी विषय पर चर्चा की और इस क्षेत्र में नए शोध कार्य पर बल दिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे एमिटी विश्विद्यालय के क्लीनिकल साइकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ज़फर ज़ैदी ने दिव्यांगजन कल्याण और उनके समायोजन हेतु कार्य करने पर बल दिया। प्रोफेसर ज़ैदी ने भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजन एवं मानसिक स्वस्थ्य के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की और जान-मानस तक इसका लाभ पहुंचने के लिए छात्रों को प्रेरित किया। मलेशिया से टेलर यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर वान मेलाटी ने देश के विकास में सामाजिक सौहार्द और सामजिक समरसता पर व्याख्यान दिया। इंटरनेशनल स्किल डेवलपमेंट कौंसिल के अध्यक्ष डॉ शैक रहमान ने नए भारत के विकास में कौशल विकास की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए युवाओ को नए स्किल कोर्सेज करने के लिए फायदे बताये और उपलब्ध रोज़गारो की जानकारी भी दी।
विलियम पैटर्सन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रज़ा मीर ने भारत के विष गुरु बनने के लिए महत्वपूर्ण मैनेजमेंट गुरु मन्त्र साझा किये। अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर नसरीन ने नई शिक्षा नीति की रौशनी में शिक्षकों के ट्रेनिंग पर ज़ोर दिया और अपने उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षण कार्य के महत्त्व बताये। लखनऊ विश्विद्यालय की मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अर्चना शुक्ला ने जेंडर संवेदनशीलता पर व्याख्यान देते हुए महिलाओं के रोज़गार एवं सम्मान पर चर्चा की और स्त्री-पुरुष समानता पर ज़ोर दिया। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राकेश त्रिपाठी ने नए भारत में वृद्धावस्था से जुड़े मानसिक एवं शारीरिक पहलुओं पर चर्चा की और बढ़ती उम्र में होने वाली समस्याओं के समाधान बताये।
नार्थ टेक्सास यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर आतेका कांट्रेक्टर ने मानसिक तनाव और मानसिक आघात जैसी जटिल समस्याओ के निवारण पर प्रकाश डाला। शिया पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के मैनेजर मुर्तज़ा शम्सी और प्रिंसिपल प्रोफेसर शबीह रज़ा बाक़री ने इस तरह की संगोष्ठियों को ज़रूरी बताया और छात्रों से शोध कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी के आयोजक प्रोफेसर आग़ा परवेज़ मसीह और डॉ साजिद काज़मी ने बताया की संगोष्ठी में 400 से अधिक विद्वानों एवं शोध्कर्ताओ ने भाग लिया और अपने शोध कार्य प्रस्तुत किये जिसमे 17 शोधार्थीयो को उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। संगोष्ठी के आयोजन समिति में डॉ गरिमा सिंह, डॉ नंदिनी शर्मा, डॉ मो. अली, अनुष्का मिश्रा, जहान्वी, श्रुति दुबे, ममता, सजना, तेजल, मोनाल, विनायक, अचिंत शामिल थे।

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