नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बुलंदशहर में 12 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। वह दिल्ली के एक अस्पताल में लड़की से मिलने भी गई, जहां उसका इलाज चल रहा है।
यह घटना उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में 15 अक्टूबर को हुई थी, जिसके बाद पीड़िता को पास के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था और यूपी के अहमदगढ़ पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
डीसीडब्ल्यू के अनुसार, घटना के दौरान बच्ची के माता-पिता खेत में काम करने गए थे और बच्ची अपनी दो बहनों के साथ अपने घर के बाहर खेल रही थी। रात करीब 12 बजे पड़ोसी वहां आया और बच्ची को घर के अंदर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने उस पर चाकू से हमला किया और उसका गला घोंटने की कोशिश की और मौके से फरार हो गया। उसकी पांच साल की बहन ने पूरी घटना देखी।
लड़की के माता-पिता उसे बुलंदशहर के नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन उसे मेरठ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया और अंत में, उसकी गंभीर स्थिति के कारण, उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। फिलहाल बच्ची को दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसे अभी भी होश नहीं आया है। डॉक्टरों ने मालीवाल को बताया कि बच्ची के शरीर पर कई गंभीर चोटें हैं। उसके सिंर में चोट के कारण उसे एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या भी हो गई है।
स्वाति मालीवाल ने पीड़िता से अस्पताल में जाकर मुलाकात की, जिसके बाद इस मामले को लेकर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। आयोग ने बताया है कि पीड़िता दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है। वहीं 12 वर्षीय नाबालिग के साथ हुई बर्बरता को लेकर यूपी पुलिस ने एफआईआर में रेप की धारा नहीं जोड़ी हैं।
इसी को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। आयोग ने पत्र में बलात्कार की धारा जोड़ने और आरोपितों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने के साथ-साथ पीड़िता को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
