प्रयागराज (हि.स.)। शहर के दो नामचीन तकनीकी संस्थान भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान एवं मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पहली बार औपचारिक रुप से मिलकर शैक्षिक एवं शोध के क्षेत्र में आदान-प्रदान करने पर सहमति दे दी है। दोनों संस्थान के निदेशकों के बीच झलवा स्थित ट्रिपल आईटी में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में समझौते पर हस्ताक्षर किये गए।
ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रो. पी. नागभूषण ने इस अवसर पर इस समझौते (एमओयू) को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करने की ओर एक बड़ा कदम करार दिया। कहा कि समझौता पत्र नये शिक्षकों विशेषतः सहायक एवं एसोसिएट प्रोफेसर के लिए अपनी क्षमताओं और प्रतिभाओं को पूर्णरुप से विकसित करने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थान अपनी चहारदीवारी से बाहर आकर संयुक्त रुप से किसी भी शोध या शैक्षिक कार्यक्रम को राष्ट्र के नाम समर्पित कर सकते हैं। उन्होंने वरिष्ठ आचार्यों को रुढ़िवादी शैली की बजाय नये आयामों की तरफ कार्य करने का आवाह्न किया। कहा कि इंजीनियरिंग क्षेत्र में सब कुछ बदल रहा है। जहां पर हमें अच्छे से अन्य विषयों के साथ कुछ नया बदलाव लाने की तरफ सोचना होगा। इस तरह के प्रावधान के अंतर्गत दोनो संस्थान मिलकर आगे बढ़ेंगे।
मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि ट्रिपलआईटी की स्थापना से ही एमएनएनआईटी मिलकर सहयोग करते आये हैं। जिसे अब एक समझौते का स्वरुप देकर इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बनाना है। दोंनो संस्थान शैक्षिक आदान-प्रदान के अलावा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुछ नये शोध कार्य करेंगे। दोनों संस्थानों के मध्य इस समझौते के बाद एक स्वस्थ संवाद सम्भव होगा। जिससे भविष्य की नई राहों में मिलकर नई शिक्षा नीति की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने दोनो संस्थानों के संकाय सदस्यों के बीच एक क्रिकेट मैच का प्रस्ताव दिया। कहा हमें शैक्षिक एवं शोध गतिविधियों के अलावा अन्य क्रिया-कलापों में भी संयुक्त रुप से कार्य करना होगा।
ट्रिपलआईटी की कुलसचिव डॉ. विजयश्री तिवारी एवं एमएनएनआईटी के कुलसचिव डॉ. सर्वेश तिवारी ने दोनो संस्थानों के निदेशक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये। कार्यक्रम का संचालन डॉ. माधवेन्द्र मिश्र ने किया। उन्होंने ज्ञापन पत्र के मूल बिन्दुओं पर प्रकाश डाला।
