Wednesday, March 4, 2026
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झमाझम बारिश से खेत खलिहान हुए लबालब बुवाई को लगा ब्रेक

– दलहन तिलहन की बुवाई में पड़ा असर

– तेज बारिश के बाद नाला उफनाने से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त

हमीरपुर (हि.स.)। झमाझम बारिश से दलहन एवं तिलहन की फसलों की बुवाई को करारा झटका लगा है। बारिश से खेत खलिहान लबालब हो गए हैं। आगामी दस दिनों तक खेती किसानी का कार्य शुरू होने की संभावना नहीं है। इससे किसान बेचैन हो गया है।

रविवार की रात सुमेरपुर कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में झमाझम बारिश होने पर खेत खलिहान लबालब हो गए। जनपद में किसान दलहन और तिलहन की फसलों को बहुतायात में होता है। दलहन एवं तिलहन की उपयुक्त बुवाई का समय 15 अक्टूबर तक होता है। किसान खेतों की तैयारी करके बुवाई की तैयारी कर रहा था। इसी बीच उम्मीद से अधिक बारिश हो जाने से खेत लबालब हो गए हैं।

किसान प्रदीप गुप्ता, राधेश्याम तिवारी, सुरेश यादव,उदयभान यादव, राजू, देवीदीन, रामेश्वर आदि ने बताया कि बारिश से रबी फसलों की बुवाई को करारा झटका लगा है। दलहन एवं तिलहन की बुवाई का समय गुजर जाने के बाद किसान अन्य फसलों की ओर रुख करेगा। किसानों ने बताया कि बारिश से बोई गई फसलों के बीज पड़ने की संभावना है। उधर, तेज बारिश के बाद करोड़न नाला उफना जाने से इमिलिया थोक के लिए गई जल संस्थान की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाने से जल आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, कस्बे के क्रय विक्रय सहकारी समिति एवं क्षेत्रीय सहकारी समिति का प्रांगण पानी से लबालब हो गया। जिससे आवागमन में व्यवधान पैदा हुआ।

बारिश से रबी फसल के लिए खेत की तैयारी कर रहे किसानों को राहत

कुरारा कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में बीती शाम से हो रही बरसात से रबी फसलों के लिए खेत तैयार कर रहे किसानों को बरसात से राहत मिली तथा पलेवा का इंतजार कर रहे किसान खुश नजर आए। वही कुछ किसानों ने दलहनी फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी उनका नुकसान हो गया है।

आसमान में बादलों ने डेरा जमाया तथा हल्की बारिश हुई। इसके बाद रात में तीन बजे से शुरू हुई बरसात सुबह तक होती रही इससे खेती में पानी दिखाई देने लगा। वही, रबी फसल के लिए खेत की तैयारी कर रहे किसानों को राहत मिली है। जो किसान खेती में पलेवा करने का इंतजार कर रहे थे उनका खेत इस बरसात से बुवाई योग्य हो गया है। अब किसान रबी फसलों की बोवाई कर देगा। वही कई गांवों में किसान दलहनी फसलों की बुवाई कर रहे थे।

उनका नुकसान हुआ है। भौली गांव के मजरा कोतुपुर गांव निवासी रामकरण निषाद ने बताया कि दलहनी फसलों चना, मटर, व तिलहनी फसल में लाही व पीली सरसों की। बुबाई शुरू हो चुकी है। इससे उन किसानों का नुकसान हुआ है। प्रगतिशील किसान डामर गांव निवासी खड़ग सिंह यादव ने बताया कि इस पानी से अधिकांश किसानों को राहत मिली है। अब सभी किसान खेत की बुवाई समय से कर सकेंगे। पलेवा का इंतजार कर रहे किसानों ने खुशी जाहिर की है

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