वाराणसी (हि.स.)।शृंगार गौरी और ज्ञानवापी से संबंधित 07 मामले की एक साथ सुनवाई वाली याचिका पर अब 27 मार्च को जिला जज की अदालत आदेश देगी। बुधवार को याचिका पर आने वाला आदेश टल गया। जिला न्यायालय ने इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली सुरक्षित कर ली थी और फैसला सुनाने की पहले एक मार्च फिर 13 मार्च की तिथि नियत की थी। 13 मार्च को भी आदेश टल गया। इसके बाद अदालत ने आदेश के लिए 20 मार्च की तिथि तय की थी। 20 मार्च को आदेश तैयार नहीं होने के कारण सुनवाई की अगली तिथि 22 मार्च बुधवार तय हुई थी। जिला जज डाॅ अजय कृष्ण विश्वेश ने ट्रांसफर एप्लीकेशन मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया है।
शृंगार गौरी के प्रतिदिन दर्शन-पूजन और अन्य विग्रहों के संरक्षण की मांग को लेकर चार महिलाओं ने याचिका दाखिल की है। महिलाओं की मांग है कि ज्ञानवापी के सभी मामलों की सुनवाई एक साथ की जानी चाहिए। याची लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी और अन्य ने मामलों की सुनवाई एक साथ किए जाने के पक्ष में अपनी बात रखी। दलील दी गई कि ज्ञानवापी के सभी मामले एक जैसे हैं। इनकी अलग-अलग नहीं, एक साथ सुनवाई होनी चाहिए। इस मामले में शृंगार गौरी के नियमित दर्शन व अन्य विग्रहों के संरक्षण से संबंधित याचिका से जुड़ी वादी महिला राखी सिंह ने इसका विरोध किया है। उनके अधिवक्ता की दलील है कि सभी मामलों की सुनवाई एक साथ नहीं होनी चाहिए।
श्रीधर
