वाराणसी (हि.स.)। ज्ञानवापी शृंगार गौरी प्रकरण में गुरुवार को जिला जज डाॅ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में होने वाली सुनवाई 18 अगस्त तक टल गई। प्रतिवादी पक्ष के मुख्य अधिवक्ता अभय नाथ यादव के आकस्मिक निधन के कारण अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर समय देने की मांग की।
अदालत को प्रार्थना पत्र देकर केस के मुख्य अधिवक्ता के निधन के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही निधन की वजह से 15 दिन का समय मांगा। इसपर न्यायालय ने सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तिथि तय की। आज सुनवाई में प्रतिवादी पक्ष अंजुमन इंतजामिया के अधिवक्ता को जवाबी बहस करनी थी। पिछली तिथि पर वादी पक्ष एक की ओर से राखी सिंह के अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने बहस पूरी कर ली है। अभी तक प्रतिवादी पक्ष से अभय नाथ यादव ही बहस करते थे।
प्रकरण में वादी पक्ष का दावा है कि शृंगार गौरी का मुकदमा सुनवाई योग्य है। वहीं, प्रतिवादी पक्ष का दावा है कि मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है। ऑर्डर 7 रूल 11 के आवेदन पर प्रतिवादी पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अपनी दलीलें पेश कीं। इसके अलावा जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और प्रदेश के मुख्य सचिव की तरफ से डीजीसी सिविल महेंद्र प्रसाद पांडेय प्रसाद ने पक्ष रखा।
डीजीसी ने कहा कि अदालत की ओर से पहले जारी सभी आदेश का पालन कराया गया है। आगे भी न्यायालय की ओर से जो आदेश होगा, उसके अनुपालन के लिए शासन व प्रशासन प्रतिबद्ध है।
श्रीधर
