-पैरोकार जितेंद्र सिंह का आरोप,मेरे अधिवक्ताओं को भी धमकाया जा रहा
वाराणसी (हि.स.)। ज्ञानवापी शृंगार गौरी प्रकरण में हिंदू पक्ष के पैरोकार और विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन और उनके अधिवक्ताओं को केस से अलग होने की धमकी मिल रही है। जितेन्द्र सिंह विसेन का आरोप है कि कुछ अज्ञात लोग ज्ञानवापी प्रकरण से दूर रहने और बनारस नहीं आने की धमकी दे रहे हैं। पाकिस्तान के नंबर से धमकी मिल रही है।
विसेन ने बताया कि उनके वकीलों को भी धमकाया जा रहा है। विसेन ने कहा कि वह काशी, मथुरा सहित देश के अन्य कई धार्मिक स्थलों की संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। हिंदू विरोधी शक्तियां हर संभव प्रयास कर रही हैं कि इन मामलों से अलग हो जाऊं। इसके लिए हर तरह से मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। मेरे परिवार के सदस्य, सहयोगी और एडवोकेट अब कभी भी किसी षड्यंत्र या दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। मीडिया के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाया गया कि राखी सिंह मुकदमा वापस ले रही हैं। मेरे बैंक अकाउंट में अज्ञात सूत्रों द्वारा पैसा देकर मुझे बदनाम करना भी शामिल है। समाज में यह भ्रम फैलाया गया कि जितेंद्र सिंह बिसेन मुस्लिम पक्ष से मिले हुए हैं। कमीशन की कार्रवाई के दौरान हुई वीडियोग्राफी न्यायालय के सख्त आदेश के बाद भी लीक होने का इल्जाम मेरे ऊपर लगाया गया। विसेन ने कहा कि मेरे सहयोगियों पर फर्जी मुकदमे बनाकर उन्हें जेल भेजा गया। जिससे मेरे साथ जुड़े हुए लोगों का मनोबल टूटा और मेरे कई सहयोगी मुझसे दूर हो गए। जितेंद्र सिंह बिसेन ने पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ पर अपने खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।
श्रीधर
