वाराणसी(हि.स.)। ज्ञानवापी स्थित मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन मामले में हिन्दू पक्ष की तरफ से पांच वादी में से एक राखी सिंह अपना मुकदमा वापस लेंगी। विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने रविवार को बताया कि वादी राखी सिंह सोमवार को दिल्ली से वाराणसी पहुंचेंगी और अपना मुकदमा वापस लेंगी। वाराणसी निवासी वादी चार महिलाएं लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास, सीता साहू और रेखा पाठक मिलकर मुकदमा लड़ेगी। मुख्य वादी राखी सिंह किस वजह से अपना केस वापस ले रही हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। राखी सिंह के पीछे हटने के बाद वादी पक्ष के वकील और अन्य रणनीति तय करने में जुट गये हैं।
वादी पक्ष के अधिवक्ता व सुप्रीम कोर्ट के वकील हरिशंकर जैन ने कहा कि राखी सिंह के हटने से मुकदमें पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुकदमें की कार्यवाही जारी रहेगी। वादी अन्य चार महिलाओं ने कहा है कि भले ही जितेंद्र सिंह बिसेन केस वापस ले लें। हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे। मुख्य वादी राखी सिंह के पीछे हटने को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा रही।
विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन के नेतृत्व में ही उनकी भतीजी राखी सिंह सहित पांच अन्य की तरफ से 18 अगस्त 2021 को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में वाद दाखिल कर ज्ञानवापी परिसर में स्थित शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन व 1991 से पूर्व की स्थिति बहाल करते हुए आदि विश्वेश्वर परिवार के सभी विग्रहों को यथास्थिति में रखने की मांग की गई है। अदालत में सुनवाई के क्रम में आठ अप्रैल 2022 को अदालत ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया। कोर्ट कमिश्नर ने 19 अप्रैल को सर्वे करने की तिथि से अदालत को अवगत कराया। इससे एक दिन पहले 18 अप्रैल को जिला प्रशासन ने शासकीय अधिवक्ता के जरिए याचिका दाखिल कर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफ पर रोक लगाने की मांग की। 19 अप्रैल को दूसरा पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रोकने की गुहार लगायी। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा। 20 अप्रैल को निचली अदालत ने भी सुनवाई पूरी की। 26 अप्रैल को निचली अदालत ने ईद के बाद सर्वे की कार्यवाही छह व सात मई को शुरू करने का आदेश दिया था । छह मई को कोर्ट कमिश्नर ने सभी पक्षों के साथ सर्वे भी किया। दूसरे दिन सात मई को मस्जिद के अंदर मुस्लिमों के प्रवेश नहीं देने पर कोर्ट कमिश्नर ने कार्यवाही को रोककर सर्वे 09 मई के लिए टाल दिया।
उधर, सात मई को विपक्षी अधिवक्ता ने कोर्ट कमिश्नर के सर्वे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अदालत में उनको बदलने की मांग की। अदालत ने वादी को अपना पक्ष रखने के लिए 9 मई तक सुनवाई टाल दी। सुनवाई के 24 घंटे पहले ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले में विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने याचिका वापस लेने की बात कही है। इसके बाद मुकदमें को लेकर चारों वादियों के साथ उनके अधिवक्ता सोमवार को सुनवाई के लिए तैयारी में जुट गये है।
श्रीधर
