जोशीमठ (हि.स.)। जोशीमठ की भीषण त्रासदी का जायजा लेने पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि आस्था और सभ्यता के केन्द्र जोशीमठ को बचाने के लिए एक राष्ट्रीय संकल्प लिए जाने की आवश्यकता है। भारत सरकार को इस पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने जोशीमठ की इस भयानक त्रासदी के लिए एनटीपीसी की टनल को ही खलनायक बताया। पूर्व सीएम रावत तहसील प्रांगण में चल रहे पीड़ितों के धरने को संबोधित कर रहे थे।
आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य की तपोभूमि और भगवान नरसिंह की भूमि को बचाने के लिए राष्ट्रीय संकल्प तो लिया ही जाना चाहिए। उनका कहना था कि पहले जेपी कंपनी की टनल ने अब एनटीपीसी की टनल के साथ बची खुची कसर हेलंग बाइपास पूरी कर रहा है। आखिर जोशीमठ को इस बर्बादी की ओर ले जाने की मंशा क्या है?
पूर्व सीएम ने ऑल वेदर रोड पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चारधाम सड़क के सुधारीकरण की डीपीआर तैयार की थी,लेकिन सरकार बदली तो डीपीआर भी बदल दी गई और ऑल वेदर रोड नाम देकर वर्षों से पले बढ़े जंगलों को तहस नहस कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जोशीमठ की इस त्रासदी में वे पूरी दृढ़ता के साथ खड़े हैं, यहां पीड़ितों के साथ रहकर ही उनके दुःख दर्द को समझा जा सकता है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री को भी जोशीमठ में कैम्प कर प्रभावित लोगों के दुःख दर्द को साझा करना चाहिए था।
जोशीमठ के प्रभावित जनता की सभा को संबोधित करते हुए इस आंदोलन के प्रेणेता व जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि वे एनटीपीसी की इस विनाशकारी परियोजना का पहले दिन से ही विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने एक नहीं सुनी जिसका प्रमाण आज सबके सामने है।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ धंस रहा है। घर मकान जमींदोज हो रहे हैं और सरकार बैठकों के दौर में व्यस्त है।उनका कहना था कि जोशीमठ के पुनर्वास व विस्थापन की स्थाई व्यवस्था होनी जरूरी है, अन्यथा पुलना/भ्यूंडार के ग्रामीणों की तरह ही हम सबका हश्र होगा।
इस सभा को बद्रीनाथ के विधायक राजेन्द्र भण्डारी ने कहा कि बीते रोज मुख्यमंत्री के स्थल निरीक्षण के दौरान उन्हें उनके साथ जाने से रोका गया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के भ्रमण के बाद उन्हें व जनता को विश्वास था कि मुख्यमंत्री जरूर कुछ घोषणा करेंगे लेकिन उन्होंने मीटिंग के बाद कुछ कहने की बात कही। भण्डारी ने कहा कि यह बैठकें करने का नहीं धरातल पर कार्य करने का समय है, जिस पर सरकार अब तक विफल रही है। इससे पूर्व हरीश रावत ने मनोहर बाग व सिंहधार वार्ड में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और पीड़ितों को ढांढस बंधाया।
इस सभा को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कांग्रेस नेत्री अनुकृति गुसाईं, पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र पंवार, आचार्य नरेश आनंद नौटियाल, प्रवक्ता कमल रतूड़ी आदि ने भी संबोधित किया। संचालन युवा नेता ओम प्रकाश डोभाल ने किया।
प्रकाश कपरूवाण
