Sunday, January 18, 2026
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जेल में कैसे बीती पति की हत्यारिन की पहली रात?

प्रादेशिक डेस्क

मेरठ। पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मुस्कान ने जेल में पहली रात बेचैनी में गुजारी। रातभर करवटें बदलती रही, न ठीक से सो पाई और न ही खाना खाया। कभी उठकर बैठ जाती तो कभी बैरक में टहलने लगती। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान को अपने किए पर पछतावा हो रहा है। बुधवार को मुस्कान और उसके बॉयफ्रेंड साहिल को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मेरठ जेल भेज दिया गया। जेल जाते वक्त मुस्कान ने कहा, “मैंने जो किया, वो गलत था। ऐसा नहीं करना चाहिए था।“ जेलर वीरेश राज आर्य के अनुसार, शाम 7 बजे मुस्कान को जेल में दाखिल किया गया। जब उसे और साहिल को अलग-अलग बैरकों में रखा गया तो उसके चेहरे के भाव बदल गए। वह चाहती थी कि साहिल के साथ या कम से कम पास वाली बैरक में रखा जाए, लेकिन जेल मैन्युअल के अनुसार, मुस्कान को महिला बैरक (12 नंबर) और साहिल को पुरुष बैरक (18 नंबर) में रखा गया।

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कोर्ट के बाहर साहिल की पिटाई
कोर्ट में पेशी से पहले पुलिस ने मुस्कान और साहिल को मीडिया के सामने लाया। मुस्कान की मांग में सिंदूर देखकर एक पत्रकार ने पूछा, “यह सिंदूर किसके नाम है?“ इस पर उसने पहले तो गुस्से में लोगों को घूरा, लेकिन फिर चुपचाप सिर झुका लिया। जब दोनों को कोर्ट ले जाया गया, तो बाहर वकीलों की भीड़ ने साहिल पर हमला कर दिया। वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी, कपड़े फाड़ दिए और बाल खींचे। पुलिस को किसी तरह उन्हें बचाकर कोर्ट रूम ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद मुस्कान और ज्यादा सहम गई। बुधवार शाम जब पोस्टमॉर्टम के बाद सौरभ का शव घर लाया गया, तो माहौल गमगीन हो गया। शव कपड़े में लिपटा हुआ था, क्योंकि शरीर के चार टुकड़े किए जाने के कारण चेहरा देखने लायक नहीं था। मां रेणु देवी और बहन चिंकी शव से लिपटकर रोती रहीं। सौरभ की मां ने बिलखते हुए कहा, “कैसी मां हूं मैं, जो आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा भी नहीं देख पाई!“ परिवार ने देर शाम गढ़ मुक्तेश्वर के ब्रजघाट में उसका अंतिम संस्कार किया। मुस्कान की बेटी पीहू को उसकी नानी कविता रस्तोगी के पास रखा जाएगा। मुस्कान की मां ने बताया, “पीहू पहले से ही हमारे पास थी। हम ही उसे पालेंगे और अच्छे से पढ़ाएंगे।“

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मां ने ही बेटी को पुलिस तक पहुंचाया
मुस्कान की मां कविता रस्तोगी ने बताया कि हत्या के बाद मुस्कान ने उन्हें फोन कर रोते हुए कहा, “मां, पीहू से बात करा दो।“ जब उन्होंने पूछा कि वह रो क्यों रही है, तो उसने जवाब दिया, “घर आकर बताऊंगी।“ जब वह घर पहुंची तो मां ने सौरभ के बारे में पूछा। पहले तो मुस्कान ने झूठ बोला कि सौरभ का मर्डर उसके घरवालों ने किया है। लेकिन जब शक हुआ तो मां ने उसे बहलाते हुए पूछा, “सच बता, कहीं तूने मर्डर तो नहीं किया?“ इसके बाद मुस्कान टूट गई और सच उगल दिया। उसने बताया कि साहिल ने हत्या की योजना बनाई थी और उसने भी उसका साथ दिया। मां और पिता उसे सीधे थाने ले गए और पुलिस के सामने पेश कर दिया। अपनी ही बेटी की क्रूरता से सदमे में आई कविता रस्तोगी ने रोते हुए कहा, “मुझे अपनी बेटी से कोई सहानुभूति नहीं। उसने जो किया, उसकी सजा मिलनी चाहिए। मैं चाहती हूं कि मुस्कान और साहिल को फांसी दी जाए।“

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साहिल सीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि मुस्कान 9वीं फेल
साहिल शुक्ला दिल्ली से चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई कर रहा था। वह मेरठ में नानी पुष्पा के साथ रहता था। उसके पिता नीरज शुक्ला ग्रेटर नोएडा में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। मुस्कान 9वीं फेल थी और पढ़ाई छोड़ चुकी थी। उसके पिता प्रमोद रस्तोगी ज्वेलर हैं और मेरठ के ब्रह्मपुरी में “श्रीराम ज्वेलर्स“ के नाम से उनकी दुकान है। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में अफसर था, लेकिन बाद में उसकी नौकरी छूट गई। इसके बाद वह लंदन में एक बेकरी शॉप में काम करने लगा था। भारत लौटने के बाद वह फिर से अपना करियर संवारने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस बीच उसकी मुस्कान से शादी हो गई और जिंदगी पूरी तरह बदल गई। इस जघन्य हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वकीलों की भीड़ ने अदालत में ही गुस्सा जाहिर कर दिया। सौरभ के परिवार को अब न्याय का इंतजार है, और मां चाहती है कि “बेटे के कातिलों को फांसी मिले।“

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