मऊ। योग स्वास्थ्य के लिए सभी के लिए जरूरी है चाहे वह जिस क्षेत्र का व्यक्ति क्यों न हो। योग राजनेता, उद्यमी, व्यवसायी, मजदूर, छात्र, महिला, पुरुष, बच्चे, अधिकारी, कर्मचारी चाहे जो हो सबके लिए जरूरी है। जेल में बंद विचाराधीन कैदी हो, सजायाफ्ता, हत्यारा या चोरी के आरोप में ही बंदी क्यों न हो, सभी के लिए योग जरूरी है और इसे सभी को करना चाहिए। रविवार को मऊ जनपद के जिला कारागार में बंदियों के साथ योगा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके क्रम में बन्दियों में से ही योगा के जानकार बन्दियों ने कारागार के अंदर सभी बैरकों में योगा कार्यक्रम कराया। इसमें इच्छुक बन्दियों के अलावा प्रोत्साहित करने के उपरांत कई अन्य बंदियों ने भी भाग लिया।
जेलर नागेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में 571 बंदी जेल में है, जिसमें से 22 बंदी महिला है।उन्होंने कहा कि अगर कोई योगा का टीचर जेल के अंदर योगाभ्यास कराना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है। जेल प्रशासन का प्रयास है कि जल्द ही योगाभ्यास कराने वाले एक योग्य टीचर की नियुक्ति जेल में हो जाए, जिससे नियमित रूप से जेल के अंदर बंदियों को योगाभ्यास कराया जा सके और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। जेलर नागेश सिंह ने बताया कि शासन के मंशानुरूप जेल के अंदर कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ योगाभ्यास भी कराया जाएगा।
जेल के अंदर एक डॉक्टर की भी नियुक्ति है, जो कैदियों के स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं एवं उनकी नियमित जांच भी करते हैं। जेलर नागेश सिंह ने बताया कि जेल के अंदर नियमित योगा कार्यक्रम होने से कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य के अलावा एक बेहतर माहौल की भी अनुभूति होगी।
आनन्द कुमार
