Wednesday, March 25, 2026
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जीरो कार्बन युक्त देश बनाने में उत्तर प्रदेश अग्रणी रहेगा : डा. अरूण सक्सेना

जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए आगे आएं युवा

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. अरूण कुमार सक्सेना ने नेशनल क्लाइमेट कान्क्लेव में कहाकि भारत सरकार द्वारा जीरो कार्बन युक्त देश बनाने की योजना में उत्तर प्रदेश अग्रणी रहेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लो कार्बन वाले उपकरणों को बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे कि वातावरण में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा को अत्याधिक कम किया जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देशन में गंगा के किनारे अमृत सरोवरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि वेटलैण्ड में कार्बन शोषण की सबसे ज्यादा शक्ति होती है।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीए कान्क्लेव के दूसरे दिन डा. अरूण कुमार सक्सेना ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा 135 करोड़ पौधों को रोपण किया गया है। इस वर्ष भी 35 करोड़ पौध रोपे जाने हैं, जिससे कि वातावरण में व्याप्त कार्बन डाई ऑक्साइड का अवशोषण वृक्षों द्वारा करके पर्यावरण स्वच्छ हो जायेगा।

जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए आगे आएं युवा : नवनीत सहगल

नेशनल क्लाइमेट कॉन्क्लेव 2023 में यूथ क्लाइमेट कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले प्रदेशभर से आये युवाओं ने सहभागिता की। यूथ क्लाइमेट कॉन्क्लेव में कुल तीन सत्रों का संचालन हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में युवा कल्याण एवं खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने युवाओं का आवाह्न किया कि किसी भी देश में जलवायु परिवर्तन या पर्यावरण संवर्द्धन की कल्पना बिना युवाओं के नहीं की जा सकती है। इस प्रकार के आयोजन आगे भी होते रहना चाहिए।

जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका का संचालन सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ की छात्रा आस्था माथुर ने किया। इस पैनल का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने और उन्हें कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने में युवाओं की भागीदारी के महत्व को उजागर करना था।

इस सत्र में सिंथिया मैककैफी, यूनिसेफ की राष्ट्रीय प्रतिनिधि भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने जलवायु कार्रवाई में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए और कहाकि हम अपने जीवन को पैसा कमाने और व्यापार तक सीमित नहीं रख सकते। हमारे लिए यह पर्यावरण और जन जीवन का भी उतना ही महत्व होना चाहिए ।

बृजनन्दन

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