मेरठ (हि.स.)। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि ’एक देश एक टैक्स’ की अवधारणा को जीएसटी की बढ़ती दरें झुठला रही है। केंद्र सरकार को जीएसटी की बढ़ी दरों को वापस लेना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर व्यापार बर्बाद हो जाएगा और महंगाई आसमान पर होगी।
व्यापारी नेता लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में मंगलवार को व्यापारियों ने विवि रोड पर जीएसटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने केंद्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन एडिशनल कमिश्नर वाणिज्य कर को दिया। ज्ञापन में व्यापारियों ने जीएसटी की बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग की।
लोकेश अग्रवाल ने कहा कि पैकिंग के लिए तैयार की जाने वाले बॉक्स पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। आम जनता के इस्तेमाल में आने वाले फुटवेयर पर जीएसटी की दरें 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है। रेडीमेड कपड़े में होजरी पर 5 प्रतिशत से जीएसटी की दरें बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है। इसी तरह से जीएसटी काउंसिल सोने के आभूषणों पर जीएसटी की दर 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने की तैयारी में है। जबकि जीएसटी लगाते समय सरकार ने वायदा किया था कि पर्याप्त कलेक्शन होने पर जीएसटी की दरें कम की जाएगी। परंतु कोरोना जैसी महामारी के बाद भी सरकार को उम्मीद से ज्यादा जीएसटी कलेक्शन प्राप्त हुआ है। चुनाव के समय भी महंगाई को बढ़ने से रोकने का वादा सरकार के द्वारा किया गया था।
कहा कि लगातार बढ़ाई जा रही जीएसटी की दरों से व्यापारी परेशान है और आम जनता पर भी महंगाई का बोझ बढ़ रहा है। व्यापार मंडल जीएसटी की बढ़ाई गई दरों का घोर विरोध करता है और देश, जनता व व्यापारियों के हित में जीएसटी की बढ़ाई गई दरों को वापस लेने की मांग करता है। सर्राफा बाजार पर 1 प्रतिशत जीएसटी की दरें, व जीएसटी में अधिकतम 2 दरें सिर्फ 5 प्रतिशत व 12 प्रतिशत की जाए। अधिक प्रकार की दरें भ्रष्टाचार व कर चोरी को बढ़ावा देती हैं।
इस अवसर पर राजकुमार त्यागी, निशांक अग्रवाल, विजय मान आदि उपस्थित रहे।
कुलदीप
