प्रयागराज (हि.स.)। जिलाधिकारी ने गंगा-यमुना में आयी बाढ़ एवं निरंतर जलस्तर में हो रही वृद्धि के दृष्टिगत झूंसी क्षेत्र के बदरा सनौटी सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया एवं सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
प्रयागराज जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री मंगलवार को झूंसी के बदरा सनौटी सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां ग्रामीणों से मिलकर उनसे बातचीत की एवं उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों द्वारा कैरोसिन तेल को उपलब्ध कराये जाने की मांग किये जाने पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी फूलपुर तथा जिला पूर्ति अधिकारी को कैरोसिन तेल की व्यवस्था बनाये जाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बदरा सनौटी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नांव की निरंतर उपलब्धता बनाये रखने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने दोनों तरफ नाव की व्यवस्था तथा स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस की भी निरंतर उपलब्धता बनाये रखने के लिए कहा है। जानवरों के लिए चारे की व्यवस्था एवं आमजन के लिए राशन, पीने के पानी, साफ-सफाई सहित तथा आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं।
जिलाधिकारी ने बाढ़ राहत केन्द्रों पर प्रकाश, खाने, पीने के पानी, और साफ-सफाई, सहित चिकित्सा व्यवस्था व अन्य आवश्यक व्यवस्थायें निरंतर सुनिश्चित रखने के लिए कहा है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एमके सिंह, उपजिलाधिकारी फूलपुर युवराज सिंह, तहसीलदार फूलपुर अजित कुमार सिंह सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि गंगा-यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। मंगलवार को अपराह्न चार बजे तक फाफामऊ में गंगाजी का लेवल 85.74 मीटर, छतनाग में 85 एवं नैनी में यमुना जी का लेवल 85.65 मीटर तक पहुंच गया है। फाफामऊ एवं छतनाग में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार 3-3 सेमी प्रतिघंटे एवं नैनी में 7 सेमी प्रतिघंटा हो गया है। जबकि खतरे का निशान 84.73 मीटर है। इस प्रकार सभी नदियां खतरे का निशान पार कर गयी हैं।
