सपा एमएलसी ने राज्यपाल को लिखा पत्र, मृतक के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक मदद, नौकरी की मांग
वाराणसी(हि.स.)। कानपुर के युवक जितेंद्र श्रीवास्तव की पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में गुरूवार को सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने भी विरोध जताया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने इस मामले में एडीएम सिविल सप्लाई को राज्यपाल के नाम सम्बोधित मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
एमएलसी ने बताया कि जितेंद्र श्रीवास्तव की पुलिस कस्टडी में हुई मौत प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग का ज्ञापन सौंपा गया है। इस मामले में उन्होंने प्रदेश की राज्यपाल को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस हिरासत में पिटाई से हुई मौत के आंकड़ों में बेतहाशा वृद्धि के कारण यूपी पुलिस की छवि रक्षक से भक्षक की बन गयी है। विभिन्न जनपदों में इस महीने पुलिस की पिटाई से हुई मृत्यु की कई हृदय विदारक घटनाएं सामने आयी है।
एमएलसी ने कहा कि कानपुर के कल्याणपुर माधवपुरम स्थित आईआईटी सोसाइटी निवासी युवक जितेंद्र श्रीवास्तव को चोरी के शक में हिरासत में लेकर पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बर तरीके से पीटा गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। आशुतोष सिन्हा ने कहा कि सभी नियम, कानून व व्यवस्थाओं को ताक पर रख कर अपने पद व अधिकारों का दुरुपयोग करने वालों पुलिसकर्मियों पर दण्डात्मक कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है। ताकि ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो सके। इसके अतिरिक्त मृतक के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक मदद एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज़ कर उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग भी की है। ज्ञापन देने वालों में अतुल श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, पीयूष श्रीवास्तव, रमाकांत जायसवाल, कलाधर तिवारी आदि भी शामिल रहे।
