प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ। राजधानी के पॉश इलाके से ठेकेदार की हत्या के लिए अपहरण कर रंगदारी मांगने के आरोप में नौतनवा के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी और रवि शुक्ला को एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन राय ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनीष त्रिपाठी का तर्क था कि यह अस्वाभाविक है कि कोई फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ी से आकर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगेगा। बहस के दौरान यह भी कहा गया कि किसी प्रकार की रंगदारी दिए जाने या दिए जाने का प्रयास करने के संदर्भ में पत्रावली पर कोई सबूत पेश नहीं किया गया है।
जानें, निर्दलीय विधायक अमनमणि को कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
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