मेरठ (हि.स.)। कृषि कानूनों के वापस लेने के बाद भी दिल्ली के बॉर्डर पर किसान आंदोलन अभी भी जारी है। ऐसे में उप्र विधानसभा चुनावों से पहले जाटों ने केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग फिर उठाई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाटों को आरक्षण देने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना वायदा पूरा करना चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह को भी इस वायदे को पूरा कराने में सहयोग करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जाट समाज आंदोलन चलाएगा।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की मंगलवार को मेरठ कैंट में मेरठ और सहारनपुर मंडल की बैठक हुई। बैठक के बाद प्रेस वार्ता में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 26 मार्च 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जाट समाज के प्रमुख संगठनों, सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की उपस्थिति जाटों को केंद्रीय स्तर पर ओबीसी श्रेणी में शामिल करने का वायदा किया था। उसी दिन गृह मंत्री अमित शाह ने भी जाट आरक्षण को जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था। इसी तरह से 08 फरवरी 2017 को उप्र चुनाव से पहले भी जाटों को केंद्रीय स्तर व हरियाणा में आरक्षण और मुकदमें वापसी पर भी भरोसा दिलाया था। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसे ही वायदे किए गए थे। इसके बाद भी जाटों को आरक्षण नहीं दिया गया।
अब चुनावों से पहले वायदा पूरा हो
यशपाल मलिक ने कहा कि उप्र, उत्तराखंड, पंजाब के विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री स्वयं अपने वायदे को पूरा करें। इस वायदे को लागू कराने के लिए संघर्ष समिति देश के तीन राज्यों में जनजागरण अभियान शुरू कर रही है। उप्र के नौ मंडलों की बैठक बुलाकर जाट आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू किया जा रहा है।
’हम नहीं तो कौन?’ तर्ज पर चलेगा आंदोलन
कहा कि जाट बाहुल्य विधानसभा सीटों पर ’हम नहीं तो कौन?’ की तर्ज पर आंदोलन चलेगा। 15 साल से जाट आरक्षण की मांग का आंदोलन चल रहा है। भाजपा के जाट जनप्रतिनिधियों पर भी दबाव बनाकर जाटों को आरक्षण की मांग की जाएगी।
किसान आंदोलन से कम महत्वपूर्ण नहीं जाट आरक्षण
यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग किसान आंदोलन से कम महत्वपूर्ण नहीं है। किसान आंदोलन में भी जाटों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। अधिकतर किसान नेता जाट है। राजनीतिक रूप से जाटों को तैयार किया जा रहा है। सभी विधायकों और सांसदों को एक दिसम्बर को ज्ञापन देकर जनजागरण अभियान किया जाएगा।
–उत्तर प्रदेश में भी हो जातीय जनगणना
कहा कि उत्तर प्रदेश में भी जातीय जनगणना होनी चाहिए। इसमें भी जाटों की जनसंख्या ज्यादा साबित होगी। इसी आधार पर आरक्षण की मांग की जा रही है। इस मांग को भी पश्चिम उप्र से उठाया जा रहा है। राजेंद्र चिकारा को राष्ट्रीय महासचिव संगठन नियुक्त किया गया।
संगठन की बैठक में राष्ट्रीय महासचिव बीएस अहलावत, वीरपाल राणा, डॉ. ओमपाल देशमुख, धर्मपाल बालियान, राकेश प्रधान, प्रमोद अहलावत, रविंद्र प्रधान, जितेंद्र दलाल, चंद्रपाल सिंह, सतेंद्र चिकारा, अभिषेक तोमर, प्रमोद श्योराणा, अजीत पूनिया, महेश चौधरी आदि उपस्थित रहे।
