लखनऊ(हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता समीर सिंह ने बुधवार को कहा कि गरीबों-किसानों की जमीन कब्जाने वाले सपा के लोग आज किसान हितैषी होने का ढोंग कर रहे हैं। खेती से जीवन-यापन करने वाले किसानों का कैराना से पलायन कराने वाले दंगाइयों को सपा प्रमुख टिकट देकर सम्मानित कर रहे हैं। जिनके राज में कर्ज के बोझ के तले किसान आत्महत्या कर रहे थे, वह किसानों के भले की बात का स्वांग रच रहे हैं। भाजपा सरकार इकलौती ऐसी सरकार है जिसकी पहली कैबिनेट में ही 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ के ऋण माफ किये गए।
भाजपा प्रवक्ता सिंह ने एक बयान में कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सरकार ने हर स्तर पर प्रयास किया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो करोड़ 53 लाख 98 हजार किसानों के खाते में 37 हजार 388 करोड़ रुपये हस्तांतरित किये गए हैं। पिछले साढ़े चार सालों में किसानों से 435 लाख मीट्रीक टन खद्यान खरीद कर 79 हजार करोड़ का भुगतान किया। 2007 से 2017 के बीच केवल 221.07 लाख मीट्रीक टन खद्यान खरीदा गया था। आंकड़े बताते हैं कि किसान हितैषी कौन है?
समीर सिंह ने कहा कि तिलहन, दलहन, गेहूं, धान और अन्य दूसरी फसलों के एमएसपी में डेढ़ से दो गुना तक की बढ़ोतरी की गई है। हमने जहां गन्ना किसानों को पुराने बकाए के साथ ही डेढ़ लाख करोड़ का भुगतान किया, वहीं गन्ने के समर्थन मूल्य में भी इजाफा किया। सपा और बसपा सरकार मिलकर भी 95 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान नहीं कर पाई थीं। जिन्होंने चीनी मिलों को बंद कर कौड़ियों के भाव बेच दिया, आज वह किसान हितैषी होने की बात कहते हैं तो मन में पहला भाव संदेह का ही उत्पन्न होता है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने किसानों के बिजली बिल भी हॉफ किये हैं, यह बहुत ही दूरगामी निर्णय है। किसानों को निर्बाध बिजली के लिए अलग से कृषि फीडरों का निर्माण किया गया है। इस फीडर से 10 घंटे की निर्बाध सप्लाई दिन में दी जा रही है। इससे किसानों को रात में जगकर सिंचाई नहीं करनी पड़ती। पहले तो किसानों को बिजली मिलती ही नहीं थी। किसानों के ट्यूबवेल के बिल आधे किये गए, 1.5 लाख किसानों को ट्यूबवेल के कनेक्शन दिए गए। सपा सरकार में डार्क जोन के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया गया और कनेक्शन रोके गए।
इसी प्रकार से अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मदद से मिलियन फार्मर्स स्कूल के तहत पांच लाख से अधिक किसानों को आधुनिक खेती के तौर तरीकों से प्रशिक्षित किया गया। प्रदेश के 59 लाख किसान ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई योजना से लाभान्वित हुए। स्प्रिंकलर सिंचाई योजना अंतर्गत दो लाख 49 हजार स्प्रिंकलर सेट का वितरण किया गया है। पिछले साढ़े चार सालों के अंदर यूपी को 20 कृषि विज्ञान केंद्रों का मिला सौगात मिली है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के किसान हितैषी कार्यों में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश को देश में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। गन्ना, चीनी, एथेनॉल एवं सेनेटाइजर उत्पादन में लागातार चौथी बार देश में प्रथम, 1.44 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान कर देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। खाद्यान्न उत्पादन, गेहूं, आलू, हरी मटर, आम, आंवला और दुग्ध उत्पादन में देश में नंबर वन राज्य का गौरव आज उत्तर प्रदेश को है। प्रदेश की जनता समझ रही है कि उसकी चिंता किस सरकार में हई और किस मुख्यमंत्री ने उनके लिए कार्य किये। इसलिए इस विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
दिलीप शुक्ला
