– खनन माफिया जफर का साथी है ठाकुरद्वारा के रतुपुरा निवासी दिलशाद
मुुरादाबाद (हि.स.)। शनिवार को मुठभेड़ के दौरान दबोचे गए खनन माफिया जफर के बाद उसके साथी व फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी दिलशाद की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। आरोपित दिलशाद खनन अधिकारी और एसडीएम से मारपीट कर डंपर छुड़ाकर ले गया था और तभी से वह फरार चल रहा है।
बीते माह 13 सितंबर की रात्रि में ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र में खनन अधिकारी अशोक कुमार और एसडीएम परमानंद से मारपीट कर खनन माफिया डंपर छुड़ाकर ले गए थे जिसके बाद पुलिस ने मामले में 5 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के वीडियो फुटेज के आधार पर 19 आरोपियों के नाम सामने आए थे। जिसमें आरोपित तैयब, वसीम, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद सलमान, शहाबुद्दीन, आरिफ, मुख्त्यार, फुरकान, रईस प्रधान, इरफान, रिजवान, सरताज अहमद, इरशाद, लड्डन व आबिद हुसैन सहित 17 आरोपित गिरफ्तार हो चुके थे। मामले में कंकरखेड़ा निवासी आरोपित खनन माफिया जफर और दिलशाद गिरफ्तार नहीं हुए थे। 12 अक्टूबर को पुलिस को आरोपित जफर के उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के कुंडा थाना क्षेत्र स्थित गांव भरतपुर में जसपुर के ज्येष्ठ उपप्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के यहां छिपे होने की सूचना मिली। इस पर ठाकुरद्वारा कोतवाल योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस व एसओजी टीम ने उसी रात भुल्लर के फार्म हाउस पर छापा मारा। इसी बीच देखते-देखते ठाकुरद्वारा पुलिस और एसओजी टीम की ग्रामीणों से भिड़ंत हो गई। गोलियां भी चलीं, जिसमें भुल्लर की पत्नी गुरजीत कौर (28 वर्ष) की मौत हो गई और छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। शनिवार की सुबह अमरोहा भाग रहे खनन माफिया जफर की पुलिस से मुठभेड़ हो गई जिसमें आरोपित जफर पुलिस की गोली से घायल हो गया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। खनन अधिकारी और एसडीएम पर हमला कर डंपर छुड़ा ले जाने के मामले में जफर सहित अट्ठारह आरोपी अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। मामले में 50 हजार का इनामी ठाकुरद्वारा के रतुपुरा निवासी आरोपित दिलशाद अभी भी फरार हैं। दिलशाद के रतूपुरा स्थित घर पर और उसके रिश्तेदारों मित्रों परिचितों के घर पर बराबर पुलिस टीम दबिश दे रही है लेकिन आरोपी अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। सूत्रों के अनुसार मामले में दिलशाद पर इनाम की धनराशि बढ़ाने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन को रिपोर्ट भेजे जाने की तैयारी चल रही हैं।
मजदूरी करता था फरार ईनामी आरोपित दिलशाद :
ठाकुरद्वारा के रतुपुरा निवासी दिलशाद मजदूरी करता था, इसके बाद उसने ड्राइविंग सीखी और वाहन चलाना शुरू कर दिया। लगभग 10-12 साल पहले वह सऊदी अरब चला गया था और वहां पर नौकरी की। 5 साल पहले वह ठाकुरद्वारा में रतूपुरा स्थित अपने घर पर वापस आ गया था और अपने पुराने एक मित्र के साथ खनन के कारोबार में लग गया था। धीरे-धीरे खनन के धंधे में उसके पैर जमते चले गए। इसके बाद उसने पार्टनरशिप में अपना भी डंपर खरीद लिया और संपूर्ण तरीके से खनन का अवैध धंधा शुरू कर दिया। 13 सितंबर को एसडीएम और खनन अधिकारियों ने उत्तराखंड से आ रहे खनन के डंपर पकड़े तो जफर, दिलशाद और खनन धंधे में जुड़े अन्य आरोपित डंपर को छुड़ाने पहुंच गए थे । इसके बाद उन्होंने दोनों अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मियों पर हमला पर हमला किया और डंपरलेकर वहां से फरार हो गए थे।
निमित जायसवाल
