-सपा नेताओं का कहना है कि भले विरासत संभाल रहे अखिलेश यादव लेकिन मुलायम की तरह नहीं पैदा कर सकते हैं कार्यकर्ताओं में जोश
लखनऊ (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 83वें जन्मदिन पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ बता रही है कि उनके प्रति लोगों के दिलों का भाव कम नहीं हुआ है। सपा कार्यालय पर मुलायम सिंह यादव, बगल में अखिलेश यादव व राम गोविंद चौधरी बैठे हुए हैं। दूर-दूर से आये सपा नेता बधाइयां दे रहे हैं, वहीं कुछ कार्यकर्ता खुद को विभिन्न रूपों में सजाकर अपनी भावना को प्रकट कर रहे हैं। वहीं कुछ कार्यकर्ताओं के आंखों में आंसू भी आ गये कि कास कोई नया मुलायम सिंह पैदा होता। उनका कहना था कि अखिलेश यादव भले विरासत संभाल रहे हों लेकिन मुलायम सिंह में जो कार्यकर्ताओं का सहयोग करने की भावना थी, उनमें न है और न कभी आने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के मुरैना से आये श्याम बहादूर यादव ने खुद खुले शरीर को सपा के रंग में रंगकर उस पर मुलायम सिंह जी को जन्मदिन मुबारक लिखकर टहल रहे हैं। उनका कहना था कि हम न तो सपा के नेता हैं और न ही कार्यकर्ता, हम तो मुलायम सिंह जी के कायल हैं, जो अपनों की सहायता के लिए किसी भी क्षण किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते थे।
वहीं एक पूर्वी उत्तर प्रदेश के सपा नेता ने अपने आंखों में आंसू लिये हुए कहा कि मैं सपा का जिला अध्यक्ष था और मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे। हमारी बात डीएम नहीं सुन रहे थे। मैं मुलायम सिंह के पास आया और अपनी व्यथा बताई। उन्होंने इतना ही कहा कि उससे कह दो कि सपा विधायकों को जनता ने चूना है लेकिन हमें खुद मुलायम सिंह चुनाव किया है और तुरंत डीएम को फोन कर फटकार लगायी। अब वह भाव तो अखिलेश यादव में कभी नहीं आ सकता। इसी तरह के काम मुलायम सिंह के प्रति लोगों में दिवानगी पैदा करती है। लोग एक बात पर बाहर निकलकर खुद मर मिटने को तैयार रहते थे।
