नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जनकपुरी के 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में बतौर हत्या आरोपित सज्जन कुमार से जुड़े गैरजरूरी दस्तावेज और गवाहों के बयान को रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया। स्पेशल जज एमके नागपाल ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने 23 अगस्त को सज्जन कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 153A, 295, 149, 307, 308, 323, 325, 395, 436 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट ने एसआईटी जांच में सज्जन कुमार के खिलाफ लगाई गई हत्या की धारा 302 को हटाने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि सज्जन कुमार इस केस में हिरासत में नहीं हैं, सज्जन कुमार इस मामले में जमानत पर हैं।
सिख विरोधी दंगों के दौरान जनकपुरी में दो सिखों सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की एक नवंबर, 1984 को हत्या हुई थी। इसी तरह विकासपुरी पुलिस स्टेशन के इलाके में गुरुचरण सिंह को जला दिया गया, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई थी। इन दोनों मामलों में 2015 में एसआईटी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके लिए मई 2018 में सज्जन कुमार का पॉलीग्राफ टेस्ट भी किया जा चुका है।
संजय/सुनीत/पवन
