नालेज डेस्क
फ़िजी, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप देश है। यह लगभग 300 द्वीपों, जिनमें से 110 पर लोग रहते हैं और लगभग 500 टापुओं से मिलाकर बना एक द्वीपसमूह है। अंग्रेजों ने मूल फिजियन लोगों को युद्ध में हराकर द्वीप पर अपना कब्जा जमाया था। तब यहाँ कपास की खेती की जाती थी। बाद में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कपास की आमद बढ़ने से कपास के दाम गिरने के कारण और द्वीप की अर्थव्यवस्था को कायम रखने के इरादे से, यहाँ गन्ने की खेती की जाने लगी। मूल फिजियन और गोरों ने किसी भी प्रकार का कर चुकाने से इंकार कर दिया था और मूल फिजियन को संभालना अंग्रेजों के लिए बहुत मुश्किल हो रहा था, तो 1878 में तत्कालीन गवर्नर सर आर्थर हैमिल्टन गॉर्डन ने गन्ने के खेतों में काम करने के लिए भारत से बंधुआ मजदूर लाने का निर्णय लिया। इन मजदूरों को पांच साल के अनुबंध या एग्रीमेंट पर फिजी लाया जाता था। कहा जाता है कि 1916 तक लगभग 61000 भारतीय मजदूर के तौर पर फिजी लाए गए। भारतीय मजदूर एग्रीमेंटिया जैसे हिंग्लिश शब्दों का उच्चारण सही से नहीं कर पाते थे, इसलिए उन्होंने गिरमिटया बोलना शुरू कर दिया और भारतीय मजदूर गिरमिटिया मजदूर कहलाए जाने लगे। इन भारतीय मज़दूरों को पांच साल के बाद अपने के खर्चे पर भारत लौटना होता था। हालांकि अगर वह अपने अनुबंध के अगले पांच साल के नवीनीकरण के लिए तैयार होते थे, तो अनुबंध की समाप्ति पर, उन्हें सरकारी खर्चे पर भारत लौटने या फ़िजी के नागरिक के तौर पर वहीं रहने का अधिकार दिया गया था। अधिसंख्यक मजदूरों ने फिजी में ही बसने का फैसला किया। आज फिजी की जनसंख्या का लगभग 38 फीसद यही भारतीय हैं। अधिकतर मजदूर आज के उत्तर प्रदेश, बिहार से तो कुछ हरियाणा और पंजाब जैसे अपेक्षाकृत सम्पन्न राज्यों से भी फ़िजी गए थे। अधिसंख्यक हिन्दी की एक उपभाषा अवधी बोला करते थे तो अन्य भारतीयों ने भी यही भाषा बोलना शुरू कर दिया। यहाँ तक कि कालांतर में फिजी प्रवास करने वाले तमिल और तेलुगू भाषी लोगों ने भी यही भाषा अपना ली।
1997 तक फ़िजी की राष्ट्रभाषा सिर्फ अँग्रेजी थी। पर, 1997 में नए संविधान के अस्तित्व में आने पर फ़िजियन भाषा और हिन्दी को भी राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया। फिजी की हिन्दी को फिजी हिन्दी, फिजी बात या हिन्दुस्तानी आदि कई नामों से पुकारा जाता है और हमेशा की तरह हिन्दी को विभिन्न टुकड़ों में बांटने का प्रयास किया जाता था। पर फ़िजी के संविधान में सिर्फ हिन्दी भाषा को ही स्थान दिया है क्योंकि संवैधानिक दायित्वों की पूर्ति के लिए भाषा का सक्षम होना अनिवार्य है। फ़िजियन भाषा मूल रूप से द्वीप के लगभग एक तिहाई लोगों द्वारा बोली जाती है, पर द्वीप के अन्य मूल निवासी फिजी लोग इसे दूसरी भाषा के रूप में बोलते हैं। कई मामलों में हिन्दी (फिजी संस्करण) फिजी की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। बहुत से भारतीय धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन गए हैं पर अभी भी लगभग 28 फीसद जनसंख्या हिन्दू और लगभग 6.5 फीसद जनसंख्या मुसलमान है। भारतीय त्योहार जैसे दीवाली, होली आदि यहाँ उसी उल्लास से बनाए जाते है जैसे कि भारत में, शायद इसीलिए इसे लघु भारत कहा जाता है।
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