अदालत में 9 साल चला मुकदमा,
पीड़ित व आरोपी के बीच पुलिस ने कराया था समझौता
कौशांबी(हि.स.)। अपर जिला जज (सप्तम) नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत से छेडखानी के आरोपी को एक साल के कठोर कारावास एवं 25 सौ रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है। पीड़ित ने मामले की तहरीर देकर कोखराज थाना पुलिस से अगस्त 2013 को इंसाफ की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने पीड़ित पर दबाव बना कर मामले में सुलह-समझौता करा दिया है। तत्कालीन एसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। जिसमें कोर्ट ने 9 साल बाद आरोपी को 1 साल कैद व जुर्माने की सज़ा दी है।
कोखराज थाना क्षेत्र के एक गाव की रहने वाली युवती घर से 20 अगस्त 2013 की शाम करीब 7 बजे पास की दुकान से कुछ सामान लेने निकली। युवती को गांव की गली में अकेला देख आरोपी रंजीत पुत्र ननका ने उसका हाथ पकड़ पास के घर में खींच ले गया। आरोप है कि बदनीयती से आरोपी रंजीत ने पीड़ित के गाल में दांत काट लिया। शोर मचाने पर पीड़ित को बचाने को जुटती भीड़ देख आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ फरार हो गया। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने जांच के बहाने आरोपी रंजीत और पीड़ित को थाने में बैठाकर समझौता करा दिया।
पीड़ित के मुताबिक,वह आरोपी रंजीत उर्फ कजरा के खिलाफ कार्यवाही का मन बना चुकी थी। उसने कोखराज पुलिस की कार्यवाही और आरोपी की हरकत को तत्कालीन एसपी के दफ्तर में आकर बयां किया और इंसाफ की गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर केस दर्ज हुआ।
एडीजीसी शशांक खरे ने बताया कि मुक़दमें की सुनवाई के दौरान कोर्ट मे पीड़ित पक्ष की ओर से 5 गवाह पेश किए गए। आरोपी पक्ष ने अपने बचाव में 2 गवाह पेश किए। अपर जिला जज नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत ने मुक़दमें में आरोपी रंजीत उर्फ कजरा को दोष सिद्ध पाया और उसे एक साल के कठोर कारावास एवं 25 सौ रुपये के जुर्माने की सज़ा दी।
अजय कुमार
