Thursday, March 12, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयछत पर ‘मार्निंग वाक’ की आदत जवाहिरी पर पड़ी भारी

छत पर ‘मार्निंग वाक’ की आदत जवाहिरी पर पड़ी भारी

इंटरनेशनल डेस्क

काबुल। अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन के स्टाइल में ही अलकायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बने उसके सुरक्षित ठिकाने पर ड्रोन से मिसाइल हमला करके मार गिराया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि की है। जवाहिरी पहले पाकिस्तान में छिपा हुआ था, लेकिन तालिबान की सरकार आने के बाद वह काबुल पहुंच गया था। बताया जा रहा है कि तालिबानी गृह मंत्री और कुख्यात आतंकी सिराजुद्दीन हक्कानी ने उसे अपने एक बेहद सुरक्षित अड्डे में पनाह दी थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जवाहिरी को बार-बार अपने घर की बाल्कनी पर आने की आदत थी जो उसे भारी पड़ गई। बाल्कनी में आने की आदत की वजह से अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के अधिकारियों को जवाहिरी के काबुल में छिपे होने की भनक लग गई और उन्होंने रिपर ड्रोन से हेलफायर मिसाइलें दागकर जवाहिरी का काम तमाम कर दिया। इस हमले में हक्कानी के बेटे और दामाद के भी मारे जाने की खबरें आ रही हैं। इस जोरदार सफलता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम अपने दुश्मनों को यह बताना चाहते हैं कि वे कहीं भी छिपे होंगे हम उन्हें मार गिराएंगे। जवाहिरी 71 साल का हो गया था और वह लादेन की मौत के बाद 11 साल से लगातार अपने वीडियो जारी करके दुनिया को धमकियां दे रहा था। अमेरिका ने जवाहिरी के खिलाफ करोड़ों रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। जवाहिरी लादेन का निजी डॉक्टर भी था। बताया जा रहा है कि तालिबानी गृहमंत्री शिराजुद्दीन हक्कानी ने जवाहिरी को शरण दे रखी थी। इस हमले में हक्कानी के एक रिश्तेदार कमांडर के भी मारे जाने की खबर है। जवाहिरी के साथ उसका परिवार भी इसी मकान में रह रहा था। बाइडन के आदेश पर अमेरिका ने उस पर छत पर ‘मार्निंग वाक’ के समय सटीक हमला किया और उसे मार गिराया। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले के दौरान कोई भी अमेरिकी सैनिक काबुल में मौजूद नहीं था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि तालिबान को जवाहिरी के बारे में जानकारी थी जो दोहा समझौते का सीधा-सीधा उल्लंघन था।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस हमले में जवाहिरी के परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अमेरिका ने इस हमले के बारे में तालिबान को कोई जानकारी नहीं दी थी। इस बीच अमेरिकी हमले के बाद तालिबान सरकार भड़क कई है और उसने अमेरिका को चेतावनी दी है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह ने कहा कि 31 जुलाई को काबुल शहर के शेरपुर इलाके में एक हवाई हमले को अंजाम दिया गया। इस हमले की प्रकृति के बारे में पहले पता नहीं चला लेकिन सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने मामले की जांच की। शुरुआती जांच में पता चला है कि इसे अमेरिका के ड्रोन ने अंजाम दिया था। जवाहिरी की मौत पर जबीउल्ला ने कहा कि तालिबान सरकार इस हमले की कड़ी निंदा करती है और इसे अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और दोहा समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है। इस बाइडन ने जवाहिरी की मौत के ऐलान के समय कहा कि यह आतंकी अमेरिका पर 9/11 के हमले की योजना बनाने में शामिल था जिसमें करीब 3 हजार लोग मारे गए थे। पिछले कई दशक से अमेरिकी नागरिकों की हत्या का जवाहिरी मास्टरमांइड था। उन्होंने कहा कि अब इंसाफ हो गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी को 6 महीने पहले ही जवाहिरी के अफगानिस्तान पहुंचने की खबर लग गई थी। वह अपने परिवार के साथ रहने के लिए पहुंचा था।

यह भी पढें : जिले में 174 संभावित क्षय रोगी चिन्हित

आवश्यकता है संवाददाताओं की

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोंडा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना बायोडाटा निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
मोबाइल – 9452137310

RELATED ARTICLES

Most Popular