Tuesday, April 7, 2026
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छठवां चरण-योगी सरकार के पांच मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर

बस्ती (हि.स.) जिले में 27 फरवरी को प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जनसभा को सम्बोधित करेंगे इससे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को ताकत मिलेगी।इधर छठवें चरण में योगी सरकार के पांच मंत्रियों की अग्नि परीक्षा होगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही,बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीशचंद्र द्विवेदी, स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह, राज्यमंत्री श्रीराम चौहान और राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सबकी निगाहें योगी के मंत्रियों के सीटों पर लगी हुई हैं।सिद्धार्थनगर जिले मे इटवा विधानसभा सीट से प्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी इस बार फिर मैदान में हैं। यहां पर भारतीय जनता पार्टी तथा समाजवादी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है। सपा प्रत्याशी माता प्रसाद पाण्डेय पूरी ताकत से मैदान में उतर गये हैं।

बांसी विधानसभा सीट से प्रदेश सरकार मे स्वास्थ्य मन्त्री जयप्रताप सिंह मैदान में हैं। इनका सामना सीधे सपा प्रत्याशी मोनू दूबे से है। बांसी विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी किरन शुक्ला और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी राधेश्याम पाण्डेय भी जीत का दावा कर रहे हैं लेकिन कौन जीत रहा है कौन हार रहा है, ये 10 मार्च को मतगणना के बाद पता चलेगा।

गोरखपुर के विधानसभा खजनी से (सुरक्षित) सीट से राज्यमन्त्री श्रीराम चैहान चुनाव लड़ रहे हैं। वह संतकबीरनगर जिले के विधानसभा घनघटा से विधायक हैं। खजनी विधानसभा में लड़ाई त्रिकोणीय रहेगी लेकिन विपक्षी श्रीराम चौहान को बाहरी प्रत्याशी बता कर चुनावी अभियान को धार दे रहे हैं।

देवरिया की रुद्रपुर विधानसभा से राज्यमन्त्री जय प्रकाश निषाद भाजपा प्रत्याशी हैं। रूद्रपुर विधानसभा मे सपा ने रामभुआल निषाद को चुनाव मैदान में तथा बसपा ने सुरेश तिवारी को मैदान में उतारा है जो बरहज से भाजपा विधायक हैं। इस बार टिकट न मिलने के कारण बसपा से चुनाव मैदान मे उतर गये हैं।

जिले के पथरदेवा विधानसभा की लड़ाई में बहुत ही संघर्ष है। यहां कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही चुनाव मैदान में है, वहीं सपा ने ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के बीच संघर्ष की लड़ाई है।

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा होने के बाद से चुनाव में बहुत परिवर्तन हो सकता है जिसका कोई अन्दाजा नही लगाया जा सकता है।

महेंद्र

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