-कुशीनगर में हुई गोंड़ जाति को जनजाति का दर्जा मिलने पर ”धन्यवाद सभा”
कुशीनगर(हि. स.)। आगामी 75 साल की चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षा ही सबसे बड़ा आसरा है। जिनके पास पूंजी व जमीन नही है, उनके लिए शिक्षा ही आर्थिक सामाजिक स्थिति व स्वावलंबन का बड़ा आधार बनेगा।
उक्त बात प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कही। मंत्री रविवार को कसया में भाजपा के अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा कुशीनगर के तत्वाधान में गोंड़ जाति को जनजाति का दर्जा मिलने के उपरांत आयोजित जनजातीय धन्यवाद सभा को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि गौतम बुद्ध, बाबा साहेब, महारानी दुर्गावती, बिरसा मुंडा ने समाज सुधार के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किया। उस समय की चुनौतियां आज के समय की चुनौतियों से भिन्न थीं।वर्तमान व आने वाली चुनौतियों के लिए भावी पीढ़ी तैयार करना है तो शिक्षा को हथियार बनाना ही होगा। मंत्री ने कहा पुरुष वर्ग अपने साथ परिवार की महिला सदस्यों के हित में सोचे। स्त्रियों और पुरुषों की समानता, सामाजिक न्याय का जो अधिकार बाबा साहेब के संविधान ने दिया है, उस अनुरूप स्त्रियों को आगे बढ़ाने का कार्य करना होगा तभी आगामी चुनौतियों से निपटा जा सकेगा। सरकार अमृत काल में सभी वर्गों की भागीदारी, बराबरी व सामाजिक न्याय के लिए कार्य कर रही है।
भाजपा सरकार के कार्यकाल में अनुसूचित जाति जनजाति का भी सम्मान बढ़ा है। राष्ट्रपति व राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर जनजाति के लोग आसीन हो रहे हैं। एक लंबी कठिन व जटिल प्रक्रिया के बाद गोंड़ समाज को जनजाति का आरक्षण मिला है। कोई भी आरक्षण तभी कारगर होगा जब हम युवा पीढ़ी को शिक्षित, सुसंस्कृत बनायेंगे। पैर जमीन पर व निगाह आसमान पर होगी। इसके पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचन्द्र मिश्र, विधायक पी एन पाठक, मोहन वर्मा, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गौंड, प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम गौंड आदि ने मंत्री का स्वागत किया।
गोपाल
