-2017 के मुकाबले महिलाओं के मतदाता बनने जबर्दस्त बढ़त
-बड़ी संख्या नए युवा मतदाता भी पहली बार करेंगे मतदान
रायबरेली (हि.स.)। राजनीतिक दल महिलाओं और युवाओं के लिए चुनावी वादे करते हैं, लेकिन 2022 में उन्हें इसे गंभीरता से लेना पड़ेगा। इस बार विधानसभा के चुनाव में आधी आबादी और युवाओं में ‘जोश’ है जिसको इग्नोर करना इन दलों को भारी पड़ सकता है। वैसे उनका ‘जोश’ इसलिए भी है कि इस बार जहां बड़ी संख्या में नए युवा मतदाता बढ़े हैं, वहीं आधी आबादी के मतदाताओं की संख्या में बढ़त भी पुरुषों के मुकाबले काफ़ी अधिक है। जिससे साफ़ है कि इस चुनाव में नए युवा और महिला मतदाता ज्यादा उत्साह से सामने आए हैं।
रायबरेली की सभी विधानसभा चुनाव क्षेत्र में इस बार महिलाओं का वोट प्रतिशत बढ़ा है,जो कि 2017 के मुकाबले काफी अधिक है।यही नहीं महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ते हुए वोटर वृद्धि दर में जबर्दस्त बढ़त हासिल की है। 2017 में सभी विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1980362 वोटर थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 929649 थी। लेकिन 2022 में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़कर 987747 हो गई। इस बार 58098 महिलाओं के वोट बढ़े हैं जबकि कि पुरुषों में 36110 ही नए मतदाता बन सके। इस बार नए बने वोटरों की संख्या में भी जबर्दस्त इजाफ़ा हुआ है और करीब 39400 युवा पहली बार अपना वोट डालेंगे। हालांकि अभी बहु कुल संख्या में जरूर पुरूष ही ज्यादा है।
रायबरेली में कुल 2074620 मतदाता हैं जिनमें ऊंचाहार में 337033, सरेनी- 369417,सलोन-348693,हरचंदपुर-318157 व बछरावां में 336456 मतदाता हैं जो कि 2022 में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।इन सभी विधानसभाओं में महिलाओं और युवाओं की संख्या भी बढ़ी है। चुनाव में आधी आबादी और युवाओं का यह वोट प्रतिशत दिखाता है, वोटर बनने को लेकर उनमें जागरुकता बढ़ी है। दूसरी ओर चुनावी समर में इनकी भागीदारी राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को भी उनके लिए सोचने को विवश करेंगी।
रजनीश
