Sunday, April 12, 2026
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चारबाग और लखनऊ जंक्शन पर यात्रियों को एक रुपए में मिनरल वाटर उपलब्ध कराने की तैयारी

-यात्रियों को नहीं खरीदना पड़ेगा महंगा बोतलबंद पानी

लखनऊ (हि.स.)। रेलवे प्रशासन ने चारबाग और लखनऊ जंक्शन सहित अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर एक रुपये में मिनरल वाटर (स्वच्छ पानी) फिर से उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे यात्रियों को महंगा बोतलबंद पानी नहीं खरीदना पड़ेगा। चारबाग रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) का वाटर बूथ करोना काल से बंद है।

रेलवे प्रशासन ने चारबाग और लखनऊ जंक्शन सहित अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर वाटर बूथ से एक रुपये में मिलने वाला मिनरल वाटर यात्रियों को फिर से उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे यात्रियों को महंगा बोतलबंद पानी नहीं खरीदना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने स्टेशनों पर यात्रियों को स्वच्छ पानी मुहैया कराने का खाका तैयार कर लिया है। खास बात यह है कि अभी तक वाटर बूथ की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी के पास थी, लेकिन अब इसे रेलवे प्रशासन संभालेगा।

आईआरसीटीसी ने चारबाग और लखनऊ जंक्शन स्टेशन सहित दो सौ से अधिक रेलवे स्टेशनों पर वाटर बूथ लगाए थे,जो यात्रियों को बहुत पसंद आए। लेकिन कोविड के चलते लॉकडाउन हुआ तो बूथ बंद हो गए। इसके बाद इन बूथों को दोबारा नहीं शुरू किया जा सका।

रेलवे बोर्ड से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पहले इन वाटर बूथों को चलाने की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को दी गई थी, जबकि अब इन्हें सम्बंधित स्टेशनों का रेलवे प्रशासन चलाएगा। इसके लिए पॉलिसी स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशनों से पुरानी मशीनों को हटाने का कार्य भी शुरू किया जा चुका है।

आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चारबाग और लखनऊ जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर दो सौ से अधिक बूथ लगवाए गए थे। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों पर करीब 43, उत्तर रेलवे के 66, उत्तर मध्य रेलवे में 85 से अधिक बूथ लगवाए गए थे। जिस पार्टी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। इससे आईआरसीटीसी को दी जाने वाली लाइसेंस फीस लटक गई जो करीब तीन करोड़ रुपये थी।

इसके पहले भी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सस्ता, किफायती मिनरल वाटर उपलब्ध कराने के लिए वाटर बूथ लगाने का खाका रेलवे बोर्ड ने तैयार किया था, जिसके तहत आईआरसीटीसी को बूथ लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस बार यह जिम्मेदारी सम्बंधित स्टेशनों का रेलवे प्रशासन संभालेगा।

दीपक

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