-भाजपा सांसद बृजलाल ने कहा- सपा के डीएनए में दलित विरोध
लखनऊ (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने दलित, पिछड़ों और मुसलमानों को साथ लेकर चलने की जो रणनीति तैयार की थी, वह बिखरती हुई दिखाई दे रही है। उनके मंसूबे पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। दरअसल भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी (आसपा) के संस्थापक चंद्रशेखर ने अखिलेश यादव पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है।
चंद्रशेखर शुक्रवार को सपा कार्यालय पर पहुंचे थे। सपा से गठबंधन को लेकर उनकी अखिलेश यादव से बातचीत भी हुई थी। चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि अखिलेश यादव दलितों का उत्थान नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आसपा का कोई भी गठबंधन सपा के साथ नहीं होगा। दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने चंद्रशेखर के आरोपों पर कहा कि उन्होंने उन्हें दो सीटें दी थीं। इसी बीच किसी का उनके पास फोन आया और उन्होंने इस तरह से बयान देना शुरू कर दिया। अखिलेश ने कहा कि उनको नहीं पता कि चंद्रशेखर के पास किसका फोन आया था।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भाजपा के राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने भी अखिलेश यादव और पूरी समाजवादी पार्टी को दलित विरोधी बताया। बृजलाल ने कहा कि बहुत ही अच्छी बात है जो समय रहते चंद्रशेखर को यह पता चल गया। वे तो बहुत पहले से ही इस बात को जानते हैं। बृजलाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में दलित विरोध है। सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव हों या पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सभी ने सरकार में रहते हुए दलितों का विरोध किया। इन्होंने दलित के हित में कोई भी कदम नहीं उठाया।
बृजलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने दलितों से जमीन छीनने का षड्यंत्र रचा था। उन्होंने उस नियम को बदलने की कोशिश की थी जिसके तहत दलितों को जमीन बेचने से पहले स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है। अगर सरकार यह लागू करने में सफल हो जाती तो आज दलितों के पास कोई भी जमीन न बचती। इसके अलावा मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह और अखिलेश यादव ने व्यक्तिगत तौर पर मुझे प्रताड़ित करने का काम किया था।
दिलीप शुक्ला
