वाराणसी (हि.स.)। चितईपुर थाने के कस्बा चितईपुर चौकी प्रभारी मनीष सिंह (38) की बीएचयू ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। मनीष की मौत से साथी पुलिस कर्मी और परिजन शोक में डूब गये। बीते 14 मार्च को मनीष सिंह को सारनाथ शक्ति पीठ आश्रम तिराहे के समीप स्थित आवास पर संदिग्ध परिस्थिति में गोली लग गई थी।
दरोगा मनीष ने पुलिस अफसरों को पूछताछ में बताया था कि मकान में सर्विस रिवाल्वर साफ करते समय अचानक चली गोली से घायल हो गया। गोली मनीष के ठुड्डी से होते हुए माथे को चीरते हुए निकल गई थी। गंभीर रूप से घायल मनीष को पहले मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था।
बिहार के रोहतास जिले के परसिया गांव निवासी मनीष सिंह वर्ष 2012 में मृतक आश्रित कोटे से पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे। मनीष के बड़े भाई राजेंद्र सुल्तानपुर में सिपाही है और छोटा भाई मोनू आशापुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। मनीष के परिवार में पत्नी और तीन साल की बेटी है।
श्रीधर
