-आबकारी विभाग ने पॉश कालोनी लोहिया नगर में मारा छापा,
-ब्रांडेड कम्पनियों को खाली बोतल, ढक्कन, नकली बार कोड बरामद
गाजियाबाद(हि. स.)। यदि आप महंगी और पश्चिम ब्रांड की शराब पीने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइए। हो सकता है जिस शराब को आप महंगी और बड़े ब्रांड की समझ कर पी रहे हैं, वह किसी घटिया ब्रांड की शराब भी हो सकती है। जी हां गाजियाबाद आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने यहां की पोस्ट कॉलोनी लोहिया नगर में छापा मारकर इस तरह का खेल करने वाले तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है।

यह लोग दिल्ली, हरियाणा व अन्य राज्यों से घटिया ब्रांड की शराब यहां लाते थे और यहां पर बड़े ब्रांड की खाली बोतलों में भरकर उसको बाजार में बेचकर मोटी अवैध कमाई कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से लाखों रुपए की शराब के अलावा ब्रांडेड कंपनियों की खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर व पैकिंग करने के उपकरण भी बरामद किए हैं।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने गुरुवार की सुबह बताया कि आबकारी विभाग की संयुक्त टीम में सम्मिलित आबकारी निरीक्षक अरुण कुमार सेक्टर 6, आशीष पांडेय सेक्टर 4, अखिलेश बिहारी वर्मा सेक्टर 1 ,मय स्टाफ एवं पुलिस टीम थाना सिहानी गेट ने लोहियानगर में छापा मारा तथा यहां से क्षेत्र से वीरपाल यादव निवासी हापुड़, रमेश
कुमार निवासी मुरादाबाद व भूपेंद्र कुमार निवासी बदायूं को गिरफ्तार लिया। उन्होंने बताया कि ये लोग दूसरे प्रदेशों से घटिया ब्रांड की अंग्रेजी शराब को अवैध रूप से खाली बोतलों में भरकर बेचने की तैयारी कर रहे थे। इनके पास से ऑफिसर्स चॉइस 750 एमएल की 32 बोतल ओनली फ़ॉर सेल इन दिल्ली , इम्पीरियल ब्लू 375 एमएल की 13 बोतल और 180 एमएल की 15 बोतल,रॉयल। स्टैग 375 एमएल की 07 बोतल तथा 180 एमएल की 14 बोतल, रॉक फोर्ड 375एमएल।ल की 2 बोतल, मेकडोवेल्स नम्बर 1 375 एम एल की 1बोतल ओर 180 एमएल की 9 बोतलें बरामद हुए। ये सभी 61 बोतलों में घटिया ब्रांड की शराब भरी हुई थी।
श्री सिंह ने बताया कि इसके अलावा 73 खाली बोतलें जिनमे रॉयल स्टैग की 29 बोतल , इम्पीरियल।ब्लू की 19 बोतल, व्हाइट एन्ड ब्लू की 3 बोतल,मेकडोवेल्स नम्बर 1 की 4 बोतल, बीपी की 03 बोतल,आरसी की 13 बोतल, ओसी की 2 बोतल हैं।
इसके अलावा विभिन्न ब्रांड के 440 ढक्कन,640 नकली बारकोड जब्त किए गये हैं। तीनो अभियुक्तों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 60/63 एवं आईपीसी की धारा 420,467,468,120 बी, कॉपीराइट अधिनियम की धारा 54/63 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया और जेल भेजा जा रहा है।
