कानपुर(हि.स.)। जिला मुख्यालय कानपुर से लगभग चालीस किलो मीटर दूर स्थित रहनस गांव के खेतों के आस पास एक लकड़बग्घा दिखने से शनिवार की शाम गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने दहशत से मुक्ति पाने के लिए वन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। देर होती देख ग्रामीणों ने खुद उसे पकड़ने की हिम्मत जुटा और रविवार भोर में भेड़िया को पकड़ने में कामयाब हो गए।
लकड़बग्घा पकड़े जाने की खबर से रहनस गांव में उसे देखने के लिए हजारों लोग जुट गए। ग्रामीणों की माने तो रहनस गांव में उसे लगभग सात दिन पहले कुछ लोगों ने एक खतरनाक जंगली पशु को देखा। जिसके बाद से ग्रामीणों में शाम होते ही दहशत के मारे लोग अपने अपने घरो में दुबक जाते थे। रात के वक्त ग्रामीण अकेले जाने से डरने लगे।
ग्रामीणों ने खेत में काम करते हुए देखा
शनिवार देर रात कुछ ग्रामीणों की नजर अचानक भेड़िया यानि लकड़बग्घा पर पड़ो तो शोर मचाया। खेतों के किनारे खड़े जंगली जानवर को देखते ही लोग लाठ डण्डा लेकर मौके पर जा पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ देखते ही भेड़िया एक खेत में छिपकर बैठ गया।
ग्रामीण अपने मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिन्ता हुई तो वे एक जुट होकर बहादुरी दिखाते हुए खेत को चारों तरफ से घेरकर जाल लगा दिया। इसी दौरान भेड़िया भागने की कोशिश में जाल में फंस गया। ग्रामीण उसे रस्सी के सहारे बांधने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक तथा वन विभाग को सूचना दी। खबर मिलते ही चौकी प्रभारी सुनहैला मनोज कुमार पहुंचे और वन विभाग की टीम को बुलाया। सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और उसे कब्जे में लेकर चली गई।
राम बहादुर
