हमेशा व्यवस्था से लड़ते रहने वाले रिंकू के संघर्ष की कहानी प्रेरणा प्रद
प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के राजपत्रित अधिकारी के रूप में सेवा में रहते हुए अलीगढ़ के जिस दलित युवा को व्यवस्था से लड़ने के कारण गोलियां मिलीं, पागल खाना मिला और बार-बार निलम्बन का दंश झेलना पड़ा। आखिरकार वह संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सोमवार को घोषित 2021 की परीक्षा में अपना स्थान सुरक्षित करने में सफल हो गया है। जी हां, उस अधिकार का नाम है रिंकू सिंह राही, जिन्होंने कल आए नतीजों में 683वीं रैंक हासिल की है। रिंकू के संघर्ष की कहानी काफी प्रेरणाप्रद है। मुजफ्फर नगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्होंने 2009 में करोड़ों रुपए के घोटाले का पर्दाफाश किया, तो घबराए माफिया ने उन पर जानलेवा हमला करवा दिया। उन्हें सात गोलियां मारी गई थीं, जिसमें से मुंह पर भी एक गोली लगी। इससे उनका पूरा चेहरा खराब हो गया था। घोटाला सार्वजनिक होने के बाद भी रसूखदार माफिया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही थी। कार्रवाई की मांग को लेकर वह लखनऊ स्थित निदेशालय के बाहर अनशन पर बैठ गए, तो पुलिस ने उन्हें उठाकर मानसिक अस्पताल में भर्ती करा दिया। राजकीय आइएएस पीसीएस कोचिंग सेंटर हापुड़ के प्रभारी रिंकू सिंह राही को मौजूदा पोस्टिंग के दौरान ही शासन से दो बार आरोप पत्र मिला। उन्हें गोली मारी गई, तब बसपा सरकार थी। सपा सरकार के दौरान उन्हें पागलखाने भेजा गया और भाजपा सरकार में निलम्बित किया गया। इसके बावजूद वह भ्रष्टाचार के आगे नहीं झुके। रिंकू कहते हैं कि पद कोई भी हो, भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। जानलेवा हमले के 13 साल बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है।
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वह बताते हैं कि 2008 में मुजफ्फर नगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दौरान उन्हें वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए थे। बाद में प्रशिक्षण के लिए उन्हें कोषागार भेजा गया, तो उन्होंने वहां स्कॉलरशिप और फीस प्रतिपूर्ति के नाम पर विभाग में किए जा रहे करोड़ों रुपए के घोटाले का पर्दाफाश किया। जांच के दौरान उन्होंने करीब 100 करोड़ के गबन के सुबूत एकत्रित किए। कई बैंकों में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पदनाम से खोले गए फर्जी खाते पकड़े। इनमें शासन से आने वाले करोड़ों रुपए की स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति के चेक जमा कर भुनाए जा रहे थे। इसकी शिकायत उन्होंने तत्कालीन सीडीओ सियाराम चौधरी से की। उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। घोटाले की तह में जाने के चलते वह माफिया के निशाने पर आ गए। वह पुराने प्लानिंग दफ्तर की सरकारी आवासीय कॉलोनी में रह रहे थे। 26 मार्च 2009 को जब वह एक सहकर्मी के साथ सुबह सात बजे बैडमिंटन खेल रहे थे। उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। रिंकू राही को सात गोलियां लगीं और उनका जबड़ा भी बाहर आ गया। उन्हें हायर सेंटर मेरठ ले जाया गया। करीब एक महीने वह सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ में भर्ती रहे। कई ऑपरेशन के बाद वह ठीक होकर लौटे। हमले के बाद उनकी एक आंख की रोशनी जाती रही और उन्हें मुंह की सर्जरी करानी पड़ी थी। एक साइड का जबड़ा भी पूरी तरह से डैमेज हो गया था। राही पर कातिलाना हमले के आरोप में पुलिस ने जांच पूरी कर एक नेता सहित आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। फरवरी 2021 को मुजफ्फर नगर की विशेष एससीएसटी कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर चार आरोपितों को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए 10-10 साल की कैद सुनाई। बाकी चार आरोपितों को सबूतों की कमी में बरी कर दिया।
बार-बार थमाया गया आरोप पत्र
2015-16 के दौरान वह श्रावस्ती में जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास के पद पर तैनात थे। उन्हें 25 हजार रुपए प्रति वर्ष सरकारी गाड़ी भत्ता दिए जाने की व्यवस्था थी। वह उसको नहीं ले रहे थे। अधिकारियों की एक बैठक में उन्हें यह 25 हजार रुपए किसी अन्य मद में खर्च करने को कहा गया। उन्होंने खर्च नहीं किए। इसके बावजूद उन्हें गाड़ी भत्ता के 25 हजार रुपए दूसरे कामों पर खर्च करने के आरोप में चार्जशीट थमा दी गई। समाज कल्याण अधिकारी ललितपुर में पोस्टिंग के दौरान 2018 में उन्हें विभाग की देखरेख में चलने वाले स्कूल में शिक्षकों का शोषण करने के आरोप में आरोप पत्र दिया गया। हापुड़ में राजकीय आइएएस पीसीएस कोचिंग सेंटर में मेस संचालन का ठेका जैम पोर्टल से लेने वाले ठेकेदार की शिकायत करने पर उन्हें फर्जी आरोप में फंसाने की कोशिश की गई। इन्हीं मामलों को लेकर अलग-अलग फर्जी शिकायत कर उन्हें दो आरोप पत्र दिए गए। मुजफ्फर नगर जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते रिंकू सिंह राही पर 2009 में जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद घोटाला खोलने के लिए उन्होंने आरटीआई के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। लेकिन एक साल का समय दिए जाने के बावजूद उन्हें सूचनाएं नहीं दी गईं। इस पर 26 मार्च 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया। पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हास्पिटल लखनऊ भेज दिया था। रिंकू राही ने बताया कि एक दिन के बाद उन्हें वहां से अलीगढ़ के सरकारी अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।

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महत्वपूर्ण सूचना
जिले के युवा जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार और नवागत सीडीओ गौरव कुमार की अगुवाई में जिले में बड़े बदलाव की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दोनों युवा अधिकारी Transforming Gonda के नारे के साथ जिले के चाल, चरित्र और चेहरे में आमूल चूल परिवर्तन लाना चाहते हैं। जिले के विकास के लिए शुरू की गई अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं इसी दिशा में किए जा रहे कोशिशों का परिणाम है। आगामी 21 जून को जब पूरा विश्व योग दिवस मना रहा होगा, तब योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्म स्थली पर इन दोनों अधिकारियों ने कुछ विशेष करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य है कि जिले की बड़ी आबादी को उस दिन योग से जोड़ा जाय। इस क्रम में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए जनपद के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए YOGA DAY GONDA नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जरूरी सूचनाएं, गतिविधियों आदि की जानकारी व फोटोग्राफ इत्यादि इसी पेज पर शेयर किए जाएंगे। कृपया आप इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हुए इससे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पेज को LIKE करें तथा अपने परिचितों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
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जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
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