मेरठ (हि.स.)। चीन के चंगुल से भगवान भोलेनाथ के मूल स्थान कैलाश मानसरोवर की मुक्ति के लिए भारत तिब्बत समन्वय संघ (बीटीएसएस) जनजागरण यात्रा निकाल रहा है। यह यात्रा गोरखपुर से चलकर देहरादून तक जाएगी। मेरठ में 24 मई को यात्रा का स्वागत किया जाएगा।
बीटीएसएस के राष्ट्रीय सह संयोजक सांस्कृतिक प्रभाग शीलवर्धन और मेरठ प्रान्त संयोजक मानवाधिकार प्रभाग रजनीश कौशल रज्जन ने बताया कि 19 मई को गोरखपुर से कैलाश मानसरोवर मुक्ति जनजागरण यात्रा का प्रारंभ हुआ था। वहां से अयोध्या, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, दिल्ली और गाज़ियाबाद होकर 24 मई को यात्रा मेरठ पहुँचेगी। मेरठ में श्री बिल्वेश्वर महादेव मंदिर सदर में यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इस दौरान लोगों को कैलाश मानसरोवर मुक्ति अभियान के बारे में बताया जाएगा और चीन से मुक्ति के लिए संकल्प कराया जाएगा। इसके बाद यात्रा औघड़नाथ मंदिर में यात्रा में शामिल लोगों द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद यात्रा मुज़फ्फरनगर के शुकतीर्थ के लिए प्रस्थान कर जाएगी।
इस यात्रा में भारत तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय महामंत्री व यात्रा संयोजक रामकुमार सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री व यात्रा समन्वयक विजय मान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष व यात्रा के सह संयोजक संदीप त्यागी रसम निरंतर यात्रा करते हुए महासंकल्प कराते हुए चल रहे हैं। बीटीएसएस के मेरठ प्रान्त संयोजक शोध प्रभाग पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि चीन के तिब्बत पर कब्जा करने से हम सनातनी समाज को अपने आराध्य देव भगवान शिव के मूल स्थान कैलाश मानसरोवर के प्रत्यक्ष पूजन अर्चन में कठिनाइयां आ रही हैं। इसे दूर करने के उद्देश्य से कैलाश मानसरोवर मुक्ति महा संकल्प जन जागरण यात्रा का आयोजन किया गया है।
डॉ. कुलदीप/दिलीप/दधिबल
