-प्रदेश के सबसे ऊंचे तिरंगे का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
-सौ दिव्यांगों को दी मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल
गोरखपुर( हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर महोत्सव का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सबसे ऊंचे तिरंगे का लोकार्पण करने के साथ ही गोरखपुर रत्न अवार्ड से भी महानुभावों को नवाजा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन लगने के साथ ही हम कोरोना पर अंतिम प्रहार करेंगे। हमें भय के साथ नहीं बल्कि सामना करके कोरोना से बचाव करना होगा। अनुसाशन और मर्यादा के साथ सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाना होगा। लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा दे रही सरकार आत्म निर्भर भारत का निर्माण कर रही है। इस कोरोना काल में महोत्सव का होना एक चुनौती थी जिसे स्वीकार करते हुए गोरखपुर प्रशासन ने सफल बनाया। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को अवसर मिला। जो उनकी प्रतिभा को निखारने का काम करेगा। गोरखपुर में अभी बहुत से विकास कार्य शीघ्र होने वाले है।
मुख्यमंत्री ने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दी। योगी आदित्यनाथ पैडलेगंज से सर्किट हाऊस रोड पर बनाए गए भगवान गौतम बुद्ध द्वार एवं प्रदेश के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया। रामगढ़ ताल पर स्थित इस राष्ट्रीय ध्वज की ऊंचाई 75 मीटर अर्थात 246 फीट है। झंडे के बेस में अशोक स्तम्भ जैसे चार शेर उसके आकर्षण को और बढ़ाएंगे जो शक्ति, शौर्य, गौरव एवं विश्वास का प्रतीक है। वहां झंडा गीत व राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जानकारी अंकित की गई है।
मुख्यमंत्री ने समापन समारोह में जिले की 10 महानुभावों को गोरखपुर रत्न अवार्ड से सम्मानित किया। इनमें वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी नारायण, वैज्ञानिक डॉ. शमरेश मित्रा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामचेत चौधरी, हॉकी खिलाड़ी अली सईद, पहलवान अमरनाथ यादव, अर्जुन अवार्डी प्रेममाया, नेत्र चिकित्सक डॉ. नरेंद्र मोहन सेठ, उद्यमी ज्योति मस्करा, सामजिक कार्यकर्ता डॉ संजीव गुलाटी, भजन गायक, नंदू मिश्रा शामिल थे । मुख्यमंत्री ने 100 दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी। दिव्यांगों के चेहरों पर खुशियां साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी, गोरखपुर के सांसद रवि किशन सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
गोरखपुर में बहुत से विकास कार्य शीघ्र होंगे : योगी आदित्यनाथ
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