– शत्रु संपत्तियों के नये सिरे से चिह्नांकन का होगा कार्य
– पांच साल पहले वर्ष 2017 में हुआ था सर्वे
– 16 संपत्तियां हुई थीं चिह्नित, 21.96 एकड़ था क्षेत्रफल
गोरखपुर (हि.स.)। वर्ष 1962 और 1971 में भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए लोगों की यहां रह गई संपत्तियों को अब ”शत्रु संपत्ति” के रूप में चिह्नित किया गया है। उनके जाने के कुछ समय बाद से ही ऐसी संपत्तियों पर उनके नजदीकी लोगों का कब्जा हो गया था। तबसे इन संपत्तियों पर वे अपना दावा करते आ रहे हैं, लेकिन उनके पास उपयुक्त दस्तावेज नहीं है। बावजूद इसके तथाकथित नजदीकी लोग पाकिस्तान गये लोगों की संपत्तियों पर कुंडली मारे बैठे हैं। इनमें से कुछ मामले कोर्ट में लंबित भी हैं।
क्या कहता है 2017 का सर्वे
वर्ष 2017 में हुए सर्वे के मुताबिक चिन्हित 16 संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल 21.96 एकड़ है। इनमें अधिकतर संपत्तियां सदर तहसील क्षेत्र में हैं। आवासीय एवं वाणिज्यिक भवन भी शामिल हैं। सर्वे के मुताबिक इन शत्रु संपत्तियों में निजामपुर में 0.25 एकड़ में वाणिज्यिक भवन, सदर क्षेत्र में 0.32 एकड़ भूमि, सदर क्षेत्र में 0.75 एकड़ आवासीय भवन, इलाहीबाग क्षेत्र में 0.41 एकड़ आवासीय भवन, मोहद्दीपुर में 0.275 एकड़ वाणिज्यिक भवन, घासीकटरा में आवासीय भवन, घासीकटरा में 0.73 एकड़ आवासीय भवन, इलाहीबाग में 0.57 एकड़ आवासीय भवन, नयागांव में 0.32 एकड़ जमीन, तुर्कवलिया 1.822 एकड़ भूमि, पिपराइच 0.325 एकड़ आवासीय भवन, पिपराइच में 0.26 एकड़ आवासीय परिसर, पिपराइच में 1.22 एकड़ आवासीय परिसर, पिपराइच में 0.04 एकड़ आवासीय परिसर, बांसगांव में 0.72 एकड़ भूमि और करमहा बुजुर्ग में 9.7 एकड़ भूमि शामिल है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शत्रु संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शत्रु संपत्तियों से कब्जा हटाने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने इस तरह के मामलों के निस्तारण के लिए शत्रु संपत्ति अभिरक्षक (कस्टोडियन फार एनिमी प्रापर्टीज) का गठन किया गया है। सर्वे कर नए सिरे से संपत्तियों को चिह्नित करने के बाद उसकी सूची शासन को भेजी जाएगी।
डा. आमोद
