गोरखपुर (हि.स.)। कोरोना की सैम्पलिंग फोरेंसिक लैब में होगी। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को आदेश दे दिया गया है। 24 घंटे होने वाली सैम्पलिंग से कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा सकती है।
मंडलायुक्त जयंत नार्लीकर ने इस सुविधा को अगले तीन दिनों में शुरू करने का आदेश दिया है। इसके बाद से ही स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। इधर, विभागीय अधिकारियों ने इसकी शुरुआत में आने वाली कठिनाइयों और कर्मचारियों की संख्या की दिक्कतों से भी मंडलायुक्त को अवगत कराया है। हालांकि, कमिश्नर जयंत नार्लिकर द्वारा आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस पर काम करने का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।
छः लैब टेक्नीशियन की जरूरतसूत्रों के मुताबिक फोरेंसिक लैब में 24 घंटे की सुविधा मुहैया करवाने के लिए कम से कम 6 लैब टेक्नीशियन की जरूरत पड़ेगी। बावजूद इसके कमिश्नर ने लैब को तीन दिनों के अंदर पूरी तरह सक्रिय करने को कहा है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि तीन दिनों के अंदर सारी व्यवस्था कराकर जांच की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। बताया कि इसके बाद से जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को कहीं और जांच के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की भी कोरोना जांच आसानी से हो सकेगी।
गोरखपुर : फोरेंसिंक लैब में कोरोना जांच का आदेश
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