Friday, February 13, 2026
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 गोरखपुर की आर्थिक समृद्धि की राह हुई मजबूत

– वर्ष 2021-22 में जिला सकल घरेलू उत्पाद रहा 35383 करोड़ रुपये

– वर्ष 2020-21 की तुलना में चार हजार करोड़ का इजाफा

– औद्योगीकरण की भी बढ़ी रफ्तार, छह साल में गीडा में हुआ 10 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश

गोरखपुर (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया समेत कई महत्वपूर्ण संस्थानों की ताजातरीन रिपोर्ट कई आयामों से यह स्पष्ट करती है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में शीर्ष पर है। सकल घरेलू उत्पाद, उद्योग जगत में निवेश से लेकर रोजगार तक यूपी का प्रदर्शन सकारात्मक बदलाव की तस्वीर पेश करने वाला है। अर्थव्यवस्था के लिहाज से सुनहरी होती प्रदेश की तस्वीर में गोरखपुर की भी बेहतर भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। जिला सकल घरेलू उत्पाद में शानदार वृद्धि और उद्योग क्षेत्र में सतत हो रहे पूंजी निवेश और तद्नुरूप बढ़ रहे रोजगार से गोरखपुर की आर्थिक समृद्धि की राह लगातार मजबूत हो रही है।

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर की चर्चा विकास के नए मॉडल के रूप में होती है। बीते छह साल में यहां बदलाव सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में ही नहीं दिखता बल्कि समग्र रूप में ”लोकल इकोनॉमी” में भी परिलक्षित होता है। इसे बदलते लाइफ स्टाइल, उद्योग क्षेत्र में बढ़ी चहल-पहल में भी महसूस किया जा सकता है। बहरहाल, बात जब अर्थव्यवस्था से जुड़ी होती है तो इसे स्पष्ट करने के लिए फैक्ट फिगर की जरूरत होती है। जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश में वर्ष 2021-22 में गोरखपुर का जिला सकल घरेलू उत्पाद 35383.22 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक ही साल पूर्व वर्ष 2020-21 में यह 31239.24 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में ही जिला सकल घरेलू उत्पाद में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ। तुलनात्मक रूप से देखें तो यह वृद्धि 13 फीसद से अधिक की है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट रत्नेश श्रीवास्तव मानते हैं कि गोरखपुर का जिला सकल घरेलू उत्पाद आने वाले सालों में और तेजी से बढ़ेगा। कारण, यहां ट्रेड, इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर में निवेश बढ़ा है। निवेश का माहौल बनाना सरकार का काम होता है और निश्चित तौर पर योगी सरकार ने यह किया भी है।

गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पवन अग्रवाल बताते हैं कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू करने वाले निवेशकों को उनकी जरूरत व पसंद के अनुरूप भूखंड समेत सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए काम शुरू भी कर दिया गया है। एमओयू धरातल पर उतरने शुरू हो गए हैं। इंडस्ट्री से रोजगार तो बढ़ेगा ही, असर पूरी अर्थव्यवस्था पर नजर आएगा।

डॉ. आमोदकांत/सियाराम

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