Thursday, April 2, 2026
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गोण्डा : सेना में ‘अग्निपथ’ योजना के विरुद्ध युवाओं का प्रदर्शन

गोण्डा (हि.स.)। सेना में ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन हुआ। जिसकी आग जनपद में भी पहुंची और भारी संख्या में युवाओं ने मुख्यालय पर सरकार विरोधी नारे लगाए। सेना भर्ती के अग्निपथ प्रवेश योजना का जमकर विरोध किया। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना था कि उन्हें टूर ऑफ ड्यूटी (टीओडी) योजना नहीं चाहिए बल्कि पुरानी प्रक्रिया से ही सेना में भर्ती की जाए।

मुख्यालय के अम्बेडकर चौराहा पर प्रदर्शन करने के बाद शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के मैदान में भारी संख्या में जुटे युवाओं ने घंटों प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि प्रशासन उन्हें अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्वक प्रदर्शन भी करने नहीं दे रहा है। इसलिए वह इस मैदान में आए हैं। यहां पर आक्रोशित युवाओं ने घंटों प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी संजय शुक्ला ने बताया कि केंद्र सरकार ने सेना में युवाओं की भर्ती के लिए जो ‘अग्निपथ’ योजना लागू की गई। इसके तहत थल सेना, नौ सेना व वायुसेना में चार साल के लिए भर्तियां की जाएंगी, यह सेना में भर्ती का सपना देखने वाले गरीब युवाओं के साथ मजाक है। आक्रोशित युवाओं का कहना था कि सेना में इस देश के गरीब बच्चे भर्ती होते हैं।

प्रदर्शनकारी दुर्गेश शुक्ला का कहना है कि टूर ऑफ ड्यूटी (टीओडी) के विरोध में हम लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। 03 साल से सेना की कोई भर्ती नहीं आई है। अब सेना में सिर्फ 04 साल के लिए भर्ती की जाएगी। हम गरीब के बच्चे चार साल के लिए नौकरी करने जाएंगे। कहा कि यदि चार साल के लिए नौकरी करने जाएंगे तो छह माह ट्रेनिंग में निकल जाएगा। इतना ही छुट्टी घर आने जाने के लिए कुल मिलाकर सिर्फ दो ही साल नौकरी करनी है। 04 साल बाद जब हम घर आएंगे तो सरकार हमको कौन सी नौकरी दे देगी। अभी तक सेना से जो लोग रिटायर्ड होकर आए हैं, उनमें एक प्रतिशत से भी कम लोगों को सिर्फ बैंक में गार्ड की नौकरी मिली है। बाकी लोग अपने घर पर बैठे हैं। 3 साल से सेना में भर्ती न होने के कारण नौकरी का सपना सजाए तमाम युवा आवेदन करने के बाद ओवरएज हो गए।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि हमको टीओडी नहीं चाहिए। जिस तरह से पहले भर्ती होती थी, उसी प्रक्रिया से भर्ती की जाए। छात्रों का यह भी आरोप था कि पहले सेना में भर्ती की आयु 23 वर्ष थी। उसे घटाकर 21 कर दिया। युवाओं ने कहा कि हमारी मांग है कि पुरानी प्रक्रिया से ही सेना में भर्ती की जाए और आयु पूर्व की भांति 23 वर्ष रहे।

महेन्द्र

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