गोण्डा (हि.स.)। मोतीगंज इलाके में एक महिला ने अपने तीन दिन पूर्व जन्में शिशु की हत्या के बाद उसके शव को झाड़ियों में दफना दिया। इसी महिला ने कुछ दिन पहले गांव के ही एक युवक पर दुराचार का आरोप लगाया था। आरोपित के परिवार की मांग है कि बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाये। आरोप है कि इससे बचने के लिए महिला ने नवजात की गला दबाकर हत्या के बाद शव को झाड़ियों में दफना दिया है।
मोतीगंज थाना क्षेत्र में दुराचार का आरोप लगाने वाली एक महिला ने तीन दिन पूर्व नवजात बच्चें को जन्म दिया था। उसके बाद दुराचार के आरोपित ने बच्चे का डीएनए टेस्ट कराये जाने की मांग उच्चाधिकारियों से की थी । इसी बीच अचानक नवजात बच्चे की अचानक मौत हो गई । परिजनों ने शव को दफना दिया ।
आरोपित के परिवार ने शनिवार को बताया की महिला ने जिस बच्चे को जन्म दिया था वह पूरी तरह से स्वस्थ था। घर ले गए दूसरे दिन अचानक उसकी तबीयत खराब हो गयी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। फिर गांव की रीति रिवाज के अनुसार शव को दफना दिया। आरोपित का आरोप है कि यदि बच्चा उसका है,तो डीएनए टेस्ट होना चाहिये। अगर टेस्ट नहीं होता है तो महिला द्वारा लगाये गए गलत आरोप में उसे सजा हो जायेगी। उसकी मांग है कि बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाये जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से दफनाए गए शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की अनुमति मांगी थी। मामले में डीएम ने नायब तहसीलदार सदर पुष्कर मिश्रा को मजिस्ट्रेट नामित किया था। पुलिस व मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट कराया जायेगा, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।
गोण्डा : कब्र खोदकर निकाला शव, डीएनए टेस्ट से सिद्ध होगा आखिरकार किसका है बच्चा
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